UAE में ईरानी हमलों के बाद अलर्ट, प्रवासियों के लिए वीज़ा के नए नियम और सुरक्षा निर्देश जारी
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान की ओर से किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद अपनी सुरक्षा और बचाव के अधिकार को दोहराया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बातचीत के रास्ते खुले हैं लेकिन देश की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा। पिछले 24 घंटों में अबू धाबी और दुबई में हाई अलर्ट जारी किया गया और लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देश दिए गए। भारतीय और अन्य प्रवासी जो इन शहरों में रह रहे हैं उनके लिए सरकार ने कुछ विशेष रियायतें और सुरक्षा नियम भी लागू किए हैं।
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हमलों का डेटा और आम जनता पर पड़ा आर्थिक प्रभाव
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2026 के अंत से अब तक UAE पर 1000 से अधिक हमले किए गए हैं। मंगलवार सुबह 2:49 बजे रक्षा मंत्रालय ने निवासियों के लिए इमरजेंसी अलर्ट जारी किया था।
| हमले का प्रकार | कुल संख्या | सफलतापूर्वक रोके गए |
|---|---|---|
| बैलिस्टिक मिसाइल | 174 | 161 |
| ड्रोन (Drones) | 689 | 645 |
| क्रूज मिसाइल | 8 | 8 |
इन हमलों के कारण दुबई इंटरनेशनल (DXB) और रास अल खैमाह एयरपोर्ट पर उड़ानों पर असर पड़ा है। इस स्थिति के कारण दुबई के बाजार में सोने की कीमत में 14 दिरहम प्रति ग्राम का इजाफा हुआ है और मार्च महीने के लिए पेट्रोल की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। मलबे की चपेट में आने से 3 विदेशी नागरिकों (पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश) की जान गई है और करीब 60 लोग घायल हुए हैं।
प्रवासियों के लिए जरूरी जानकारी और सुरक्षा नियम
- वीज़ा में राहत: फ्लाइट्स रद्द होने के कारण फंसे विदेशी नागरिकों के लिए सरकार ने वीज़ा की अवधि बढ़ाने और नए इमरजेंसी वीज़ा देने का फैसला किया है।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल: नेशनल इमरजेंसी क्राइसिस अथॉरिटी (NCEMA) ने लोगों को अलर्ट के दौरान सुरक्षित इमारतों में रहने और खिड़कियों से दूर रहने की सलाह दी है।
- राशन की स्थिति: सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में 4 से 6 महीने का जरूरी सामान और भोजन का स्टॉक सुरक्षित है ताकि बाजार में कोई कमी न आए।
- राजनयिक कदम: हमले के विरोध में UAE ने तेहरान में अपना दूतावास बंद कर दिया है और सभी कर्मचारियों को वापस बुला लिया है।
दुबई में रह रहे भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे केवल सरकारी चैनलों के जरिए आने वाली सूचनाओं पर ही भरोसा करें। किसी भी हमले की लोकेशन या मलबे की वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करना सख्त मना है। राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने खुद सार्वजनिक स्थानों का दौरा कर जनता को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है।




