इस्राइल ईरान युद्ध: तेल अवीव में मिसाइल हमलों से भारी नुकसान, उड़ानों को लेकर आया नया अपडेट
ईरान और इस्राइल के बीच जारी संघर्ष अब काफी गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग में ईरान अब तक 119 बार मिसाइल हमले कर चुका है। 3 मार्च को तेल अवीव और मध्य इस्राइल के इलाकों में सायरन की आवाजें सुनाई दीं और कई मिसाइलें रिहायशी इलाकों में गिरीं। इस युद्ध में अब तक 12 इस्राइली नागरिकों की जान जा चुकी है और 1,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
तेल अवीव में ताजा स्थिति और भारतीयों पर असर
युद्ध की वजह से इस्राइल का हवाई क्षेत्र 28 फरवरी से ही बंद कर दिया गया था। अब आधिकारिक जानकारी मिली है कि 4 और 5 मार्च से उन लोगों के लिए धीरे-धीरे उड़ानें शुरू की जाएंगी जो वहां फंसे हुए हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और वहां अक्सर आने-जाने वाले लोगों के लिए यह खबर अहम है क्योंकि उड़ानों के रास्ते में बदलाव किया गया है। तेल अवीव की कई ऊंची इमारतों को मिसाइल के टुकड़ों से नुकसान पहुंचा है। सुरक्षा कारणों से 8 मार्च तक स्कूल और दफ्तरों को बंद रखने का आदेश दिया गया है।
हमलों का विवरण और सुरक्षा जानकारी
ईरान ने इस बार हमलों में Fattah-2 जैसी हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया है जिन्होंने सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश की है। IDF ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के 500 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है। नीचे दी गई टेबल से आप नुकसान और हमलों की स्थिति समझ सकते हैं:
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| कुल हमले (28 फरवरी से) | 119 मिसाइल लहरें |
| नागरिकों की मौत | 12 लोग |
| कुल घायल | 1,000 से अधिक |
| हवाई क्षेत्र की स्थिति | 4-5 मार्च से आंशिक शुरुआत |
| पाबंदियां | 8 मार्च तक स्कूल बंद |
IDF के अनुसार उन्होंने दर्जनों मिसाइल लॉन्चरों को तबाह कर दिया है जिससे हमलों की तीव्रता में कुछ कमी आई है। हालांकि हिजबुल्लाह की तरफ से भी 2 मार्च के बाद से करीब 24 हमले किए गए हैं। सरकार ने लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर रहने और चेतावनी का पालन करने की सलाह दी है।




