कतर के पूर्व पीएम की ईरान को चेतावनी, हमलों के बाद खाड़ी देशों में खोया भरोसा, हालात गंभीर
कतर के पूर्व प्रधानमंत्री शेख हमद बिन जासिम अल थानी ने ईरान की हालिया सैन्य कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि खाड़ी देशों पर किए गए हमले ईरान की एक बड़ी रणनीतिक गलती है। उनके अनुसार ईरान ने इन हरकतों की वजह से क्षेत्र में उन दोस्तों और सहानुभूति को खो दिया है जो पहले तनाव कम करने की कोशिश कर रहे थे। यह बयान ईरान द्वारा कतर और अन्य खाड़ी देशों में नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने के बाद आया है।
कतर में सुरक्षा और जनजीवन पर क्या पड़ा असर?
ईरानी हमलों के बाद कतर सरकार ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई बड़े फैसले लिए हैं। हमाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सभी उड़ानों को सस्पेंड कर दिया गया है और कतर का एयरस्पेस पूरी तरह बंद है। इससे हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। आम जनता और प्रवासियों के लिए सरकार ने निम्नलिखित गाइडलाइन्स जारी की हैं:
- स्टे-एट-होम एडवाइजरी: गृह मंत्रालय ने सभी को घरों के अंदर रहने की सलाह दी है।
- शिक्षा: सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर ऑनलाइन पढ़ाई के निर्देश दिए गए हैं।
- कामकाज: स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसी जरूरी सेवाओं को छोड़कर बाकी सरकारी और प्राइवेट सेक्टर को वर्क फ्रॉम होम करने को कहा गया है।
- सार्वजनिक कार्यक्रम: देश में होने वाले सभी पब्लिक इवेंट्स को अगले आदेश तक रोक दिया गया है।
सैन्य कार्रवाई और आर्थिक नुकसान की क्या है स्थिति?
2 मार्च 2026 को कतर के रक्षा तंत्र ने ईरान के दो Su-24 लड़ाकू विमानों को मार गिराया। इसके अलावा बड़ी संख्या में मिसाइलों और ड्रोनों को बीच रास्ते में ही रोका गया। इन हमलों का सीधा असर तेल की कीमतों और उत्पादन पर भी देखा जा रहा है।
| विवरण | आंकड़े/स्थिति |
|---|---|
| मिसाइल इंटरसेप्ट किए गए | 89 |
| ड्रोन मार गिराए गए | 22 |
| घायल नागरिक | 16 (कतर में) |
| कच्चे तेल की कीमत | $80 प्रति बैरल (10% उछाल) |
| ऊर्जा प्लांट | रास लफ़ान और मेसाईद में उत्पादन ठप |
कतर के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। खाड़ी देशों के संगठन GCC ने भी एक संयुक्त बयान जारी कर इन हमलों की कड़ी निंदा की है। ऊर्जा केंद्रों पर हमलों के कारण कतर एनर्जी ने एलएनजी उत्पादन रोक दिया है जिसका असर आने वाले दिनों में गैस सप्लाई पर पड़ सकता है।




