दुबई कुरान प्रतियोगिता के विजेताओं का ऐलान, पहले नंबर पर आने वालों को मिला 10 लाख डॉलर का इनाम
दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने 28वें दुबई इंटरनेशनल होली कुरान अवार्ड (DIHQA) के विजेताओं को सम्मानित किया है। मंगलवार 3 मार्च 2026 की शाम को आयोजित इस भव्य समारोह में दुनिया भर के 105 देशों से आए 5,618 प्रतिभागियों ने अपनी दावेदारी पेश की थी। इस साल की प्रतियोगिता कई मायनों में ऐतिहासिक रही क्योंकि इसमें पहली बार महिलाओं के लिए अलग कैटेगरी और जनता के लिए वोटिंग सिस्टम की शुरुआत की गई।
विजेताओं की सूची और मिलने वाली इनामी राशि
इस साल प्रतियोगिता की कुल इनामी राशि 12 मिलियन दिरहम यानी करीब 3.27 मिलियन डॉलर से ज्यादा रखी गई थी। यह दुनिया भर में इस तरह की सबसे महंगी प्रतियोगिताओं में से एक है। इराक के Karar Laith Saad ने लड़कों की श्रेणी में और मिस्र की Jana Ihab Ramadan ने लड़कियों की श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया।
| स्थान | लड़कों की श्रेणी (नाम/देश) | लड़कियों की श्रेणी (नाम/देश) | इनामी राशि |
|---|---|---|---|
| पहला स्थान | Karar Laith Saad (Iraq) | Jana Ihab Ramadan (Egypt) | $1,000,000 USD |
| दूसरा स्थान | Omar Ali Awed (Egypt) | Aisha Al-Rumai (Indonesia) | $100,000 USD |
| तीसरा स्थान | Abdullah Faisal Al-Buti (Kuwait) | Sarah Abdul Karim Al-Hallaq (Syria) | $50,000 USD |
मिस्र के दिवंगत शेख महमूद खलील अल-हुसारी को ‘इंटरनेशनल कुरानिक पर्सनैलिटी ऑफ द ईयर’ के सम्मान से नवाजा गया और उनके परिवार को 1 मिलियन डॉलर की राशि प्रदान की गई।
प्रतियोगिता में शामिल होने के मुख्य नियम और प्रक्रिया
दुबई इंटरनेशनल होली कुरान अवार्ड में भाग लेने के लिए आयोजकों ने कुछ कड़े नियम तय किए थे जिनका पालन करना अनिवार्य था। इन नियमों के आधार पर ही दुनिया भर से बेहतरीन प्रतिभाओं का चयन किया गया।
- उम्र की सीमा: प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों की उम्र 16 साल से कम होनी चाहिए।
- योग्यता: प्रतिभागी को पूरा कुरान याद होना चाहिए और तजवीद के नियमों में महारत हासिल होनी चाहिए।
- चयन प्रक्रिया: सबसे पहले 3 मिनट का वीडियो सबमिशन लिया गया जिसके बाद रिमोट टेस्टिंग और अंत में दुबई में फाइनल टेस्ट हुआ।
- वोटिंग: इस बार ‘सबसे सुंदर पाठ’ श्रेणी के विजेता का फैसला आधिकारिक वेबसाइट पर ग्लोबल पब्लिक वोटिंग के जरिए किया गया।
प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला दुबई के मजलिस उम सुकैम में हुआ। शेख मोहम्मद ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि कुरान की सेवा करना सबसे बड़े सम्मान की बात है और ये बच्चे दुनिया भर में शांति और सहिष्णुता के दूत हैं।




