Iran-Israel War Update: ईरान ने इस्राइल के सैन्य ठिकानों पर किया बड़ा हमला, भारतीय रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरा
ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने बुधवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि तेहरान अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने साफ किया कि राजधानी में होने वाली बमबारी का उनकी युद्ध करने की क्षमता पर कोई असर नहीं होगा। ईरान ने अपनी रक्षा के लिए ‘Decentralised Mosaic Defence’ रणनीति को सक्रिय किया है, जिससे कमांड सेंटर पर हमले के बावजूद उनकी सेना काम करती रहेगी।
ईरान के हमले और इस्राइल में हुए नुकसान की जानकारी
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने बुधवार को ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ की 16वीं लहर को अंजाम दिया। इस हमले में इस्राइल के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत आत्मरक्षा के अपने अधिकार का हवाला देते हुए कहा कि उनका जवाब केवल सैन्य अड्डों तक ही सीमित है।
- हकीरिया: इस्राइली सेना के जनरल स्टाफ और युद्ध मंत्रालय के मुख्यालय पर हमला किया गया।
- बनी ब्राक और तेल अवीव: इन इलाकों के सैन्य केंद्रों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया।
- पश्चिमी गैलिली: यहां के मिलिट्री सेंटर पर भी भारी स्ट्राइक की खबर है।
- हताहतों की संख्या: ईरानी खुफिया विभाग का दावा है कि 4 मार्च तक 680 से अधिक दुश्मन सैनिक मारे गए हैं।
आम जनता और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ रहा है?
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर अब आम आदमी की जेब और यात्रा पर पड़ने लगा है। बुधवार, 4 मार्च को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां की यात्रा करने वालों के लिए भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। दुबई जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर उड़ानों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
| प्रमुख घटना | ताज़ा अपडेट (4 मार्च 2026) |
|---|---|
| भारतीय रुपया | युद्ध के कारण रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा |
| ईरानी हमला | 16वीं लहर, सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना |
| हवाई यात्रा | दुबई सहित बड़े एयरपोर्ट्स पर उड़ानों में देरी |
| नेतृत्व | ईरान में नए उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया जारी |
| ईंधन कीमत | वैश्विक बाजारों में कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव |
अमेरिका ने स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में अपने कई दूतावास बंद कर दिए हैं और स्टाफ की संख्या कम कर दी है। ओमान इस समय दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है ताकि युद्ध विराम पर कोई चर्चा हो सके। ईरान में सुप्रीम लीडर के चयन के लिए असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स की बैठक जारी है, जिसमें कुछ दिन लग सकते हैं।




