Mojtaba Khamenei बने ईरान के नए सुप्रीम लीडर, खाड़ी देशों में एयरस्पेस बंद और तेल की कीमतें 13% तक बढ़ीं
ईरान में बड़े राजनीतिक बदलाव के बीच मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुन लिया गया है। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा के नाम पर मुहर लगा दी है। ईरान में मचे इस उथल-पुथल का असर सीधा खाड़ी देशों के आम जनजीवन और विमान सेवाओं पर देखने को मिल रहा है। इस तनावपूर्ण स्थिति की वजह से संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और कुवैत जैसे देशों का हवाई रास्ता प्रभावित हुआ है और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है।
ईरान में नेतृत्व परिवर्तन और मुख्य घोषणाएं
मोजतबा खामेनेई (56 वर्ष) को ईरान का तीसरा सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है। यह फैसला 88 सदस्यीय असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने एक सुरक्षात्मक बैठक के दौरान लिया। पूर्व नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार उनके गृहनगर मशहद में किया जाएगा। देश में मौजूदा स्थिति को देखते हुए 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है और सात दिनों की सार्वजनिक छुट्टी दी गई है। सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि पूर्व नेता की पत्नी और परिवार के कुछ अन्य सदस्यों की भी हमलों में मौत हो गई है।
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और फ्लाइट्स पर क्या होगा असर?
ईरान में छिड़े इस संघर्ष का सबसे बड़ा असर खाड़ी देशों (Gulf Countries) में रह रहे भारतीयों और अन्य प्रवासियों पर पड़ा है। सुरक्षा कारणों से आसमान को उड़ानों के लिए सुरक्षित नहीं माना जा रहा है।
- एयरस्पेस पर पाबंदी: UAE, कतर और कुवैत के हवाई क्षेत्र को काफी हद तक बंद रखा गया है, जिससे इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर असर पड़ा है।
- फ्लाइट्स कैंसल: एमिरेट्स और एतिहाद जैसी बड़ी एयरलाइंस ने हजारों उड़ानें रद्द कर दी हैं या उनके रूट बदल दिए हैं।
- तेल की कीमतें: कच्चे तेल (Brent crude) के दाम 80 से 82 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं, जिससे पेट्रोल-डीजल महंगा होने का डर है।
- सुरक्षा अलर्ट: खाड़ी के देशों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की सलाह दी गई है।
आर्थिक प्रभाव और सैन्य ऑपरेशंस के आंकड़े
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी तनाव ने वैश्विक बाजार को हिला दिया है। वर्तमान स्थिति और आर्थिक आंकड़ों को इस टेबल के जरिए आसानी से समझा जा सकता है:
| मुख्य विषय | ताजा डेटा / जानकारी |
|---|---|
| कच्चा तेल (Brent Crude) | $80 – $82 प्रति बैरल (10-13% की तेजी) |
| राष्ट्रीय शोक की अवधि | 40 दिन |
| सैन्य ऑपरेशन के नाम | Operation Epic Fury (USA) और Roar of the Lion (Israel) |
| अंतरिम नेतृत्व परिषद | राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अन्य मुख्य अधिकारी |
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को परमाणु हथियारों को रोकने के लिए जरूरी बताया है। वहीं दूसरी तरफ ईरान की सेना (IRGC) ने इस कार्रवाई का बदला लेने की चेतावनी दी है। संयुक्त राष्ट्र ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है और कहा है कि इससे पूरे क्षेत्र में अशांति फैल सकती है।




