Indian Rupee Record Low: भारतीय रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर गिरा, 1 दिरहम के बदले मिलेंगे 25 रुपये से ज्यादा
आज 4 मार्च 2026 को भारतीय मुद्रा में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण रुपया डॉलर के मुकाबले पहली बार 92 के स्तर को पार कर गया। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि इससे उनके द्वारा घर भेजे जाने वाले पैसे की वैल्यू बढ़ गई है।
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आज की प्रमुख विनिमय दरें (4 मार्च 2026)
बुधवार को बाजार खुलते ही करेंसी मार्केट में काफी हलचल देखी गई। जो लोग यूएई, सऊदी अरब या कुवैत से भारत पैसा भेजने की सोच रहे हैं, उनके लिए यह समय फायदेमंद साबित हो सकता है। आज के ताजा रेट इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:
| करेंसी का नाम | भारतीय रुपया (INR) |
|---|---|
| 1 अमेरिकी डॉलर (USD) | ₹92.25 |
| 1 यूएई दिरहम (AED) | ₹25.06 |
| 1 सऊदी रियाल (SAR) | ₹24.58 |
| 1 कुवैती दीनार (KWD) | ₹300.00 |
रुपये में गिरावट के कारण और आम प्रवासियों पर असर
बाजार के जानकारों के मुताबिक रुपये के कमजोर होने की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है। इसकी वजह से कच्चे तेल की कीमतें 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गई हैं। चूंकि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए डॉलर की मांग बढ़ने से रुपये पर दबाव बना हुआ है।
- शेयर बाजार का हाल: रुपया गिरने के साथ ही भारतीय शेयर बाजार के सेंसेक्स में भी 1600 अंकों से ज्यादा की बड़ी गिरावट आई।
- आरबीआई की नजर: भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये की स्थिति को संभालने के लिए डॉलर की बिक्री कर बाजार में हस्तक्षेप किया।
- प्रवासियों के लिए मौका: खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों को अब अपनी विदेशी कमाई के बदले पहले से ज्यादा भारतीय रुपये मिलेंगे।
- महंगाई की चिंता: भारत में मोबाइल, लैपटॉप और अन्य विदेशी सामान की कीमतें बढ़ने की संभावना है।




