Iran-Israel War: ईरान ने 230 ड्रोन से किया हमला, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी बेस बने निशाना
खाड़ी क्षेत्र में स्थिति एक बार फिर तनावपूर्ण हो गई है। 4 मार्च, 2026 को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर अपने हमले का 17वां दौर शुरू कर दिया है। इसे ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ नाम दिया गया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने 230 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं। इस हमले का असर बहरीन, कुवैत और कतर जैसे देशों में भी महसूस किया गया है, जहां बड़ी संख्या में भारतीय और अन्य प्रवासी रहते हैं।
कहां-कहां और कैसे हुआ हमला?
ईरान ने अपनी कार्रवाई को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत ‘आत्मरक्षा’ बताते हुए खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ईरान ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी एयर बेस के कमांड सेंटर को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। इसके अलावा, इराक के एरबिल, कुवैत के अली अल-सलेम और कैंप आरिफजन, और कतर के अल उदीद एयर बेस की तरफ भी ड्रोन भेजे गए। हालांकि, अमेरिकी सेना ने कहा है कि उनका मिशन स्पष्ट और निर्णायक है और उन्होंने जवाब में ईरान के 17 जहाजों को नष्ट कर दिया है।
दोनों पक्षों के दावे और आम लोगों पर असर
इस संघर्ष में दोनों तरफ से बड़े नुकसान के दावे किए जा रहे हैं। ईरानी मीडिया ने कहा है कि जवाबी कार्रवाई में भारी नुकसान हुआ है, जबकि रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान में हवाई हमलों के कारण 787 लोगों की मौत हुई है। इजरायल ने सुरक्षा को देखते हुए उड़ानों पर रोक लगाई थी, जिसे अब धीरे-धीरे खोला जा रहा है। इस तनाव के कारण खाड़ी देशों से आने-जाने वाली उड़ानों और ऊर्जा सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका है।
- बहरीन: अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के बेस पर हमले का दावा किया गया।
- कुवैत: अली अल-सलेम और कैंप आरिफजन को निशाना बनाया गया।
- इजरायल: तेल अवीव और यरुशलम में सायरन बजे, हैकर्स ने डेटा चोरी का दावा किया।
- अमेरिका का जवाब: एडमिरल ब्रैड कूपर ने खाड़ी पर ईरान के नियंत्रण के दावों को खारिज किया।




