US-Iran War: अमेरिका को 4 दिन में 1.9 अरब डॉलर का नुकसान, कतर और UAE में रडार तबाह
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में अमेरिकी सेना को भारी आर्थिक चोट पहुंची है। बुधवार, 4 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, युद्ध के पहले चार दिनों में ही अमेरिका के करीब 1.902 अरब डॉलर यानी लगभग 2 बिलियन डॉलर के सैन्य उपकरण खाक हो गए हैं। यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था और इसका असर कतर, यूएई और कुवैत जैसे खाड़ी देशों में साफ दिख रहा है जहां कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले हुए हैं।
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अमेरिकी सेना का कहां और कितना नुकसान हुआ?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के मिसाइल हमलों और कुछ तकनीकी गलतियों की वजह से अमेरिका के कई महंगे डिफेंस सिस्टम बर्बाद हो गए हैं। सबसे बड़ा नुकसान कतर और यूएई में हुआ है जहां रडार सिस्टम को निशाना बनाया गया। नीचे दी गई लिस्ट में आप नुकसान का पूरा ब्यौरा देख सकते हैं:
- कतर (Qatar): अल उदीद एयर बेस पर लगा AN/FPS-132 अर्ली वार्निंग रडार ईरानी मिसाइल से नष्ट हो गया। इसकी कीमत 1.1 अरब डॉलर बताई गई है।
- यूएई (UAE): अल-रुैस में स्थित THAAD सिस्टम का रडार कॉम्पोनेंट तबाह हो गया, जिसकी कीमत 500 मिलियन डॉलर थी।
- कुवैत (Kuwait): यहां एक गलती भारी पड़ गई। कुवैती एयर डिफेंस ने गलती से अमेरिका के तीन F-15E फाइटर जेट गिरा दिए। इसमें 282 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ, हालांकि सभी क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं।
- बहरीन (Bahrain): मनामा में पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर सैटेलाइट कम्यूनिकेशन टर्मिनल नष्ट हुए, जिससे 20 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।
खाड़ी में रह रहे लोगों के लिए क्या हैं ताजा हालात?
युद्ध की वजह से खाड़ी देशों में तनाव का माहौल है। अमेरिका ने अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट के 14 देशों से निकलने की सख्त सलाह दी है। सुरक्षा के लिहाज से कुवैत और सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावासों (Embassies) को हमलों के डर से अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। पिछले 24 घंटों में कतर के अल उदीद बेस पर एक और मिसाइल हमले की खबर आई है, लेकिन राहत की बात यह है कि इसमें किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। इन हमलों में अब तक कुल 6 अमेरिकी सैनिकों की जान जाने की पुष्टि हुई है।
अमेरिका सरकार ने आगे क्या तैयारी की है?
नुकसान की भरपाई और युद्ध को जारी रखने के लिए अमेरिकी रक्षा विभाग ने सरकार से 50 अरब डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग मांगी है। वहीं, वाशिंगटन में अमेरिकी सीनेट राष्ट्रपति के युद्ध अधिकारों को सीमित करने पर आज वोटिंग करने वाली है। रक्षा सचिव Pete Hegseth ने बयान दिया है कि उनका मकसद लंबी लड़ाई लड़ना नहीं है, बल्कि ईरान की मिसाइल क्षमता को खत्म करना है। जनरल Dan Caine ने भी दावा किया है कि जमीन पर नुकसान के बावजूद आसमान में अमेरिका की पकड़ अभी भी मजबूत बनी हुई है।




