हिजबुल्लाह ने इजरायल के नॉर्दर्न कमांड पर किया हमला, तेल अवीव तक दागे रॉकेट, जंग हुई तेज
लेबनान के सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। नवंबर 2024 के युद्धविराम के बाद पहली बार हिजबुल्लाह ने इजरायल के मध्य हिस्से यानी तेल अवीव और हाइफा जैसे बड़े शहरों को निशाना बनाया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, हिजबुल्लाह ने इजरायल के नॉर्दर्न कमांड मुख्यालय पर सीधा हमला बोला है। जवाब में इजरायली सेना ने भी ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ शुरू कर दिया है, जिसके तहत लेबनान में सैकड़ों ठिकानों पर बमबारी की गई है।
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हिजबुल्लाह ने किन जगहों को बनाया निशाना?
इस बार हिजबुल्लाह ने केवल सीमावर्ती इलाकों तक खुद को सीमित नहीं रखा है। उन्होंने इजरायल के कई सामरिक और सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल के सफेद स्थित नॉर्दर्न कमांड मुख्यालय पर रॉकेट दागे हैं। इसके अलावा मेरून सर्विलांस बेस, रमत डेविड एयरबेस और नफाह बेस को भी निशाना बनाया गया है।
सबसे बड़ी बात यह है कि मार्च 4 को हिजबुल्लाह ने इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) के मुख्यालय पर ड्रोन से हमला करने का दावा किया। इन हमलों के कारण तेल अवीव और हाइफा क्षेत्र में सायरन बजने लगे और लाखों लोगों को बंकरों में जाना पड़ा। इजरायल में इन हमलों से कम से कम 8 लोगों के घायल होने की खबर है।
इजरायल का ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ और लेबनान पर असर
हिजबुल्लाह के इन हमलों के जवाब में इजरायली सेना (IDF) ने लेबनान में भारी कार्रवाई शुरू की है। पिछले 24 घंटों में इजरायल ने लेबनान के 100 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है और कुल मिलाकर 250 जगहों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों में बेरुत के दहिया, टायर, सिदोन और बालबेक जैसे शहर शामिल हैं।
- इजरायल ने हिजबुल्लाह के इंटेलिजेंस हेड हुसैन मकलेद को मारने का दावा किया है।
- इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने हिजबुल्लाह के नेता नईम कासिम को भी चेतावनी दी है।
- लेबनान की सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए हिजबुल्लाह की सैन्य गतिविधियों को गैरकानूनी घोषित कर दिया है।
- दक्षिणी लेबनान के 80 से अधिक गांवों को खाली करने का आदेश दिया गया है।
इस तनाव का असर पूरे क्षेत्र पर दिखाई दे रहा है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान और इराक में मौजूद मिलिशिया पर भी हमले किए जा रहे हैं, जिससे खाड़ी देशों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।




