Saudi Aramco पर फिर हुआ ड्रोन हमला, तेल की कीमतों में 13% तक उछाल, कंपनी ने रोका काम
Saudi Arabia के Ras Tanura में स्थित Aramco facility पर एक हफ्ते के अंदर दूसरी बार हमला हुआ है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार (4 मार्च, 2026) को इस प्रमुख तेल डिपो को निशाना बनाया गया। इससे पहले सोमवार को भी यहाँ एक बड़ा हमला हुआ था। सुरक्षा को देखते हुए दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी में काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
क्या हुआ Ras Tanura में?
Saudi Ministry of Defence के प्रवक्ता Major General Turki al-Malki ने बताया कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने हमलों को विफल कर दिया। सोमवार सुबह करीब 07:04 बजे हुए पहले हमले में ड्रोन के टुकड़े गिरने से स्टोरेज टैंक के पास आग लग गई थी, जिसे तुरंत बुझा लिया गया।
गनीमत रही कि इसमें किसी की जान नहीं गई और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। बुधवार को हुए दूसरे हमले को भी हवा में ही रोक लिया गया। एहतियात के तौर पर 5,50,000 बैरल प्रतिदिन की क्षमता वाली रिफाइनरी को बंद रखा गया है और स्थिति पर हर घंटे नजर रखी जा रही है।
तेल की कीमतों पर भारी असर
इस हमले की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) के दाम तेजी से बढ़े हैं। Brent crude की कीमतें करीब 10-13% बढ़कर $82.17 प्रति बैरल तक पहुँच गईं। हालांकि, बाद में यह $80 के आसपास स्थिर हुआ।
बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर यह रिफाइनरी एक हफ्ते से ज्यादा बंद रही, तो तेल के दाम $90 से $100 तक जा सकते हैं। इसका असर खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और वैश्विक बाजार पर दिख सकता है। पर्शियन गल्फ में चलने वाले टैंकरों के लिए इंश्योरेंस का खर्च (War risk insurance) भी 1.0%–1.5% बढ़ गया है।
सऊदी सरकार ने क्या इंतजाम किए?
सप्लाई को बाधित होने से बचाने के लिए Saudi Aramco ने अपने कुछ तेल निर्यात को सुरक्षित रास्ते से भेजने का फैसला किया है। अब कुछ शिपमेंट को Hormuz की जगह पाइपलाइन के जरिए Yanbu पोर्ट (Red Sea) की तरफ मोड़ा जा रहा है।
Saudi Ministry of Energy ने साफ किया है कि देश के अंदर पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। घरेलू सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और स्थानीय लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। ईरान को इन हमलों के पीछे का कारण बताया जा रहा है, जो क्षेत्र में तनाव का कारण बना हुआ है।




