Saudi Arabia पर मिसाइल हमला, सेना ने हवा में मार गिराया ड्रोन, ईरान को दी खुली चेतावनी
सऊदी अरब ने हाल ही में हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। 4 मार्च, 2026 को हुए इन हमलों के बाद सऊदी सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह की आक्रामकता का जवाब जरूर दिया जाएगा। सऊदी रक्षा प्रणाली ने Ras Tanura रिफाइनरी को निशाना बनाने वाले ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे वहां कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। सऊदी अरब ने अपनी सुरक्षा के लिए हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
सऊदी सेना ने कैसे बचाई रिफाइनरी?
सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली ने पूर्वी प्रांत में Ras Tanura रिफाइनरी की ओर आ रहे एक ड्रोन को सफलतापूर्वक रोक दिया। जांच में पता चला है कि इससे तेल आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है। इसके अलावा, सऊदी बलों ने एक अलग घटना में Al-Kharj के ऊपर दो क्रूज मिसाइलों और कुल नौ ड्रोन को मार गिराया जो देश की सीमा में घुस आए थे। इससे पहले 3 मार्च को रियाद में U.S. Embassy कंपाउंड पर भी एक ड्रोन हमला हुआ था, जिससे वहां मामूली आग लग गई थी और थोड़ा नुकसान हुआ था।
आम लोगों और फ्लाइट्स पर क्या होगा असर?
इन हमलों और Strait of Hormuz के बंद होने की खबरों के कारण ग्लोबल मार्केट में तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि घरेलू बाजार में पेट्रोल की सप्लाई सामान्य रहेगी। सुरक्षा को देखते हुए रियाद, जेद्दा और दम्माम के हवाई अड्डों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें। अमेरिका ने अपने नागरिकों को यमन सीमा और सैन्य प्रतिष्ठानों के पास जाने से बचने की सलाह दी है।
सरकार ने दी सख्त चेतावनी
सऊदी विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि दूतावास पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है और वे अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे। सऊदी कैबिनेट ने Crown Prince Mohammed bin Salman की अध्यक्षता में कहा कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अमेरिका, यूके और फ्रांस ने भी इन हमलों की निंदा की है और सऊदी अरब के अपनी रक्षा करने के अधिकार का समर्थन किया है। कतर और यूएई जैसे खाड़ी देशों ने भी सऊदी अरब के साथ एकजुटता दिखाई है।




