UAE और GCC देशों की इमरजेंसी मीटिंग, सुरक्षा और फ्लाइट्स को लेकर आए ये बड़े फैसले
UAE और खाड़ी देशों (GCC) के अधिकारियों ने 4 मार्च को एक बहुत अहम आपातकालीन बैठक की है। यह बैठक सुरक्षा और संकट प्रबंधन (Crisis Management) को लेकर बुलाई गई थी। इसमें यह तय किया गया कि कैसे सभी देश मिलकर किसी भी मुसीबत का सामना करेंगे और आम जनता की सुरक्षा कैसे पक्की की जाएगी। हाल ही में हुए हमलों और तनाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि लोगों को सही जानकारी मिले और घबराहट न फैले।
मीटिंग में किन बातों पर हुआ जोर?
इस इमरजेंसी बैठक में UAE के साथ अन्य GCC देशों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में साफ किया गया कि खाड़ी देशों की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी है। अगर किसी एक देश पर खतरा आता है, तो इसे सभी देशों पर खतरा माना जाएगा। इसके अलावा, UAE में सुरक्षा को देखते हुए अहम जगहों (Security Sensitive Locations) की फोटो या वीडियो लेने पर सख्त मनाही है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी। साथ ही, लोगों को सायरन बजने पर सुरक्षित इमारतों में रहने और खिड़कियों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
स्कूल, फ्लाइट और काम-काज पर क्या असर?
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए UAE में कई बड़े फैसले लिए गए हैं जिनका असर आम लोगों पर पड़ रहा है। यहां कुछ मुख्य अपडेट दिए गए हैं:
- स्कूल और कॉलेज: UAE भर में सभी शिक्षण संस्थानों में 2 से 4 मार्च तक ऑनलाइन पढ़ाई (Distance Learning) अनिवार्य कर दी गई है।
- फ्लाइट्स: 28 फरवरी से अब तक करीब 13,000 फ्लाइट्स कैंसिल हो चुकी हैं। एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक करें।
- फंसे हुए यात्री: जो यात्री फ्लाइट रद्द होने की वजह से फंसे हैं, उनके रहने और खाने का खर्चा UAE सरकार उठाएगी।
- शेयर बाज़ार: दो दिन बंद रहने के बाद, 4 मार्च को UAE के शेयर बाज़ार (ADX, DFM) फिर से खुल गए हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम और ज़रूरी सेवाएं
UAE के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उन्होंने हाल ही में 121 ड्रोन और 3 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है, जिससे पता चलता है कि देश का डिफेंस सिस्टम कितना मजबूत है। सरकार ने यह भी भरोसा दिया है कि खाने-पीने की कोई कमी नहीं है और देश के पास 4 से 6 महीने का राशन मौजूद है। बिजली, पानी और इंटरनेट जैसी जरूरी सेवाएं बिना किसी रुकावट के चल रही हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सिर्फ सरकारी खबरों पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचें।




