सऊदी अरब में Trahum Endowment Fund का दूसरा एडिशन लॉन्च, कैदियों और उनके परिवारों की मदद के लिए नया कदम
सऊदी अरब में मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्री अहमद बिन सुलेमान अल-राजही की देखरेख में ‘तराहम एंडोमेंट फंड’ (Trahum Endowment Fund) के दूसरे एडिशन की शुरुआत की गई है। रियाद में आयोजित एक समारोह के दौरान इस फंड को आधिकारिक तौर पर पेश किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य जेल में बंद कैदियों, रिहा हुए व्यक्तियों और उनके परिवारों के लिए एक टिकाऊ निवेश मॉडल तैयार करना है ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
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Trahum Endowment Fund क्या है और यह कैसे काम करेगा?
यह एक सार्वजनिक और ओपन-एंडेड निवेश फंड है जिसका प्रबंधन Al Rajhi Capital द्वारा किया जा रहा है। इस फंड का मकसद केवल अस्थायी मदद देना नहीं बल्कि एक ऐसा सिस्टम बनाना है जिससे होने वाली कमाई का इस्तेमाल कैदियों के सुधार और सशक्तिकरण के लिए किया जा सके। सऊदी विजन 2030 के तहत इस पहल को काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि यह गैर-लाभकारी क्षेत्र को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
आम लोग कैसे कर सकते हैं दान और क्या हैं इसकी विशेषताएं?
सऊदी अरब में रहने वाले नागरिक और प्रवासी इस फंड में हिस्सा ले सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक डोनेशन लिंक भी जारी किया गया है। दान और भागीदारी से जुड़ी कुछ जरूरी बातें नीचे दी गई हैं:
- दान के लिए 10, 50 और 100 रियाल जैसी श्रेणियां तय की गई हैं, इसके अलावा अपनी मर्जी से भी राशि दी जा सकती है।
- योगदान देने वाले व्यक्ति को एक आधिकारिक एंडोमेंट सर्टिफिकेट (Endowment Certificate) दिया जाता है।
- लोग यह दान अपने नाम पर या अपने माता-पिता के नाम पर भी कर सकते हैं।
- फंड के प्रबंधन के लिए सालाना नेट एसेट वैल्यू का लगभग 0.40 प्रतिशत शुल्क तय किया गया है।
- सऊदी चैंबर्स के महासंघ की भागीदारी से इस फंड को व्यापारियों और बड़े दाताओं का भी साथ मिला है।
प्रवासियों और समाज पर क्या होगा इसका असर?
सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और अन्य समुदायों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देश के सामाजिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करती है। यह फंड केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कैदियों के मनोवैज्ञानिक सुधार और उनके परिवारों के आर्थिक पुनर्वास पर भी काम करता है। सरकार का लक्ष्य है कि दान के माध्यम से मिलने वाले पैसे को सही जगह निवेश किया जाए ताकि भविष्य में इन सामाजिक कार्यों के लिए धन की कमी न हो।




