अमेरिका ने श्रीलंका के तट पर डुबाया ईरान का युद्धपोत, हमले में 80 से ज्यादा की मौत और 101 लापता
श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास एक बड़ा हादसा हुआ है जहाँ अमेरिका ने ईरान के युद्धपोत ‘IRIS Dena’ को डुबो दिया। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बुधवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि एक अमेरिकी पनडुब्बी से छोड़े गए टॉरपीडो ने इस जहाज को निशाना बनाया। इस हमले में अब तक 80 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि कई लोग अभी भी समुद्र में लापता हैं। श्रीलंकाई नौसेना और वायु सेना ने मिलकर बचाव अभियान शुरू किया है।
हादसे की मुख्य जानकारी और नुकसान का विवरण
यह घटना बुधवार तड़के करीब 5:08 बजे हुई जब जहाज से संकट का संदेश भेजा गया था। श्रीलंकाई अधिकारियों के अनुसार, जहाज पर कुल 180 चालक दल के सदस्य सवार थे। श्रीलंकाई नौसेना ने अब तक 32 लोगों को समुद्र से सुरक्षित बाहर निकाला है और कई शव बरामद किए हैं। लापता लोगों की तलाश अभी भी जारी है और बचाव दल गाले के पास के इलाकों में अभियान चला रहे हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| युद्धपोत का नाम | IRIS Dena (ईरानी युद्धपोत) |
| हमले का कारण | अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा टॉरपीडो हमला |
| मृतकों की संख्या | 80 से 87 (पुष्टि जारी) |
| सुरक्षित बचाए गए | 32 लोग |
| लापता कर्मचारी | लगभग 101 |
हमले के पीछे का सैन्य कारण और वर्तमान स्थिति
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस हमले को सफल बताया और कहा कि यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी अमेरिकी टॉरपीडो द्वारा दुश्मन के जहाज को डुबोने की पहली घटना है। पेंटागन ने हमले का एक वीडियो भी जारी किया है जिसमें जहाज के दो टुकड़े होते दिख रहे हैं। बताया गया है कि IRIS Dena भारत में एक नौसैनिक अभ्यास (Milan 2026) में हिस्सा लेकर लौट रहा था।
- बचाए गए 32 लोगों का इलाज गाले के करापिटिया टीचिंग अस्पताल में चल रहा है।
- श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने संसद में बताया कि जहाज की पहचान ईरानी युद्धपोत के रूप में हुई है।
- श्रीलंकाई सेना ने कहा कि घटना के समय आसपास कोई दूसरा जहाज या विमान नहीं देखा गया था।
- समुद्र में तेल की परत देखी गई है जिससे जहाज के डूबने वाले स्थान का पता चला है।




