US Navy का बड़ा फैसला, खाड़ी में तेल टैंकरों को मिलेगी सुरक्षा, दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर बड़ा अपडेट
खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। अमेरिकी ऊर्जा सचिव Chris Wright ने बताया कि अमेरिकी नौसेना जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले तेल टैंकरों को सुरक्षा देना शुरू करेगी। फिलहाल अमेरिकी सेना का मुख्य ध्यान ईरान के सैन्य ठिकानों पर केंद्रित है, लेकिन जल्द ही कमर्शियल जहाजों को भी एस्कॉर्ट सेवा दी जाएगी। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई को बिना किसी बाधा के जारी रखना है।
👉: कुवैत के पास समुद्र में टैंकर में जोरदार धमाका, समुद्री सीमा के बाहर हुई घटना और सभी क्रू सुरक्षित।
तेल की कीमतों और सप्लाई पर क्या असर होगा
पिछले कुछ दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई है। सुरक्षा कारणों से Maersk और NYK Line जैसी बड़ी शिपिंग कंपनियों ने इस रास्ते से अपने जहाजों को भेजना फिलहाल बंद कर दिया है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सप्लाई पर गहरा असर पड़ा है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है।
| क्रूड ऑयल का प्रकार | मौजूदा कीमत (प्रति बैरल) | बढ़ोतरी |
|---|---|---|
| Brent Crude | $83.14 | 3.4% |
| WTI (US Benchmark) | $76.17 | 3.5% |
अमेरिकी सरकार ने सुरक्षा और इंश्योरेंस के लिए क्या कदम उठाए
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नौसेना को आदेश दिया है कि जरूरत पड़ने पर जहाजों को सुरक्षा दी जाए ताकि व्यापार प्रभावित न हो। इसके अलावा, प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों के पीछे हटने के बाद अब अमेरिकी सरकार की संस्था DFC जहाजों को वित्तीय गारंटी और इंश्योरेंस देगी। सचिव Marco Rubio ने भी संकेत दिया है कि ऊर्जा की कीमतों को काबू में रखने के लिए एक विशेष प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। वर्तमान में अमेरिकी नौसेना के करीब 12 युद्धपोत मध्य पूर्व में तैनात हैं जो स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
- अमेरिकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को सुरक्षा देगी।
- प्राइवेट कंपनियों के लिए सरकारी इंश्योरेंस की सुविधा शुरू की गई।
- ईरान की धमकियों के बाद बड़ी शिपिंग कंपनियों ने रास्ता बदला।
- सऊदी अरब और इराक में तेल उत्पादन पर असर पड़ने की खबरें हैं।




