ईरान के बंदर अब्बास नेवल बेस पर भारी हमला, 20 युद्धपोत तबाह और हजारों फ्लाइट्स रद्द
ईरान के बंदर अब्बास नेवल बेस पर 5 मार्च 2026 को भारी हमला हुआ है। अमेरिकी और इजरायली सेना के इस एक्शन में ईरानी नौसेना के कई बड़े युद्धपोत और ड्रोन कैरियर आग की लपटों में घिरे नजर आए। इस संघर्ष की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह बड़ी खबर है क्योंकि मिडिल ईस्ट में सुरक्षा कारणों से 23,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
ईरानी नौसेना को कितना नुकसान हुआ?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा सचिव ने पुष्टि की है कि इस ऑपरेशन में ईरान के कम से कम 20 जहाजों को नष्ट कर दिया गया है। बंदर अब्बास पोर्ट पर लगी आग और काले धुएं की सैटेलाइट तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं।
- Shahid Bagheri: ईरान का 40,000 टन का ड्रोन कैरियर पूरी तरह से डूब गया या बेकार हो चुका है।
- IRINS Makran: यह विशाल फॉरवर्ड बेस शिप अपने बर्थ पर ही आग की लपटों में घिरा पाया गया।
- Shahid Sayyad Shirazi: इस आधुनिक युद्धपोत को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
- Submarines: अमेरिकी सेना ने फतेह क्लास की पनडुब्बी पर भी हमला किया है जिससे वह अब काम करने लायक नहीं रही।
आम जनता और हवाई यात्रा पर क्या असर होगा?
इस तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए स्थिति गंभीर है क्योंकि बड़े पैमाने पर फ्लाइट्स कैंसिल हुई हैं। अगर आप दुबई या अन्य खाड़ी देशों से भारत की यात्रा करने वाले हैं, तो अपने एयरलाइंस से संपर्क बनाए रखें।
| प्रभावित क्षेत्र | ताजा स्थिति |
|---|---|
| हवाई सेवा | मिडिल ईस्ट में 23,000 उड़ानें रद्द हुई |
| तेल की कीमतें | कच्चे तेल के दामों में भारी बढ़ोतरी |
| शिपिंग रूट | Strait of Hormuz में ट्रैफिक बेहद धीमा या बंद |
| नौसैनिक बेड़े | ईरानी मुख्यालय और शिपिंग यार्ड पर हमला जारी |




