ईरान ने इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर फिर किया हमला, हाइपरसोनिक मिसाइलों से मचाया हड़कंप
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर बड़े हमले का दावा किया है। गुरुवार, 5 मार्च 2026 को ‘Operation True Promise-4’ के तहत यह 17वीं बार हमला किया गया। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, इसमें हाइपरसोनिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल हुआ है, जिसने इजरायल के कई अहम रणनीतिक इलाकों को निशाना बनाया। यह कार्रवाई हाल ही में हुए अमेरिकी-इजरायली ऑपरेशन के जवाब में की गई है।
किन जगहों को बनाया गया निशाना?
IRGC ने अपने बयान में कहा है कि उन्होंने इजरायल के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण जगहों पर सटीक हमले किए हैं। इस ऑपरेशन में इजरायल के रक्षा मंत्रालय की इमारत और बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Ben Gurion Airport) मुख्य निशाने पर रहे। इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कतर में स्थित अमेरिकी रडार सिस्टम और हिंद महासागर में मौजूद अमेरिकी युद्धपोत को भी निशाना बनाया गया।
कौन से हथियारों का हुआ इस्तेमाल और क्या पड़ा असर?
इस हमले में ईरान ने अपनी सबसे आधुनिक फतह और फतह-2 (Fattah) हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इन मिसाइलों के साथ कई बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन भी दागे गए। इजरायल के मध्य इलाकों और यरुशलम में लगातार खतरे के सायरन बजते रहे और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई। इस तनाव के चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी भारी उछाल देखा गया है, जिसका असर दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल के दाम पर पड़ सकता है।




