Qatar ने किया बड़ा दावा, 98 मिसाइल और 24 ड्रोन मार गिराए, UN को लिखी चिट्ठी
कतर (Qatar) ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बेहद अहम जानकारी साझा की है। 5 मार्च 2026 को कतर के रक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने साफ शब्दों में कहा है कि उनका देश अपनी संप्रभुता और जमीन की रक्षा करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। यह बयान हाल ही में हुए बाहरी हमलों और क्षेत्रीय तनाव के बीच आया है, जिसमें कतर ने अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए कई हमलों को नाकाम कर दिया है।
सेना ने दिया हमलों का करारा जवाब
कतर के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि उनकी सेना ने देश की तरफ आने वाले कई खतरों को हवा में ही खत्म कर दिया। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, कतर की सेना ने बड़ी संख्या में मिसाइल और ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है। यह जानकारी उन लोगों के लिए तसल्ली देने वाली है जो खाड़ी देशों में रह रहे हैं।
अब तक की गई जवाबी कार्रवाई के आंकड़े इस प्रकार हैं:
| हथियार का प्रकार | संख्या (मार गिराए गए) |
|---|---|
| बैलिस्टिक मिसाइल (Ballistic Missiles) | 98 |
| ड्रोन (Drones) | 24 |
| क्रूज मिसाइल | 03 |
| लड़ाकू विमान (SU-24) | 02 |
आम लोगों और यात्रियों के लिए जरूरी निर्देश
सुरक्षा हालात को देखते हुए कतर में आम जनजीवन पर कुछ असर पड़ा है। दोहा और आस-पास रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे घरों के अंदर ही रहें और किसी भी अनजान वस्तु या मलबे के पास न जाएं। शिक्षा मंत्रालय ने स्कूलों को तुरंत प्रभाव से रिमोट लर्निंग (ऑनलाइन पढ़ाई) पर शिफ्ट कर दिया है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद होने की वजह से करीब 8,000 ट्रांजिट यात्री वहां फंस गए हैं। कतर सरकार ने इन यात्रियों की मदद के लिए बड़ा कदम उठाया है। इन सभी यात्रियों के वीजा अपने आप (Automatic Visa Extension) बढ़ा दिए गए हैं और उनके रुकने का इंतजाम किया जा रहा है। भारतीयों समेत सभी प्रवासियों को अफवाहों से बचने और सिर्फ आधिकारिक सरकारी खबरों पर भरोसा करने को कहा गया है।
संयुक्त राष्ट्र में उठाया मामला
कतर ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठाया है। सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) और महासचिव को अपनी तीसरी आधिकारिक चिट्ठी भेजी है। इसमें कतर ने ईरान की तरफ से आए इन हमलों को अपनी संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है। कतर ने साफ किया है कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत उसे अपनी आत्मरक्षा (Self-defense) का पूरा अधिकार है।




