अमेरिका ने ईरान के मिसाइल ठिकानों पर गिराए बम, B-52 स्ट्राइक के बाद खाड़ी में तनाव बढ़ा
अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि उसने ईरान के अंदर कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। US Central Command (CENTCOM) के मुताबिक, 5 मार्च 2026 को B-52 बमवर्षक विमानों ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स और कंट्रोल सेंटर्स को निशाना बनाया है। यह कार्रवाई ‘Operation Epic Fury’ के तहत की गई है, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वहां के माहौल पर गहरा असर पड़ा है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वे क्षेत्र में हवाई सुरक्षा को मजबूत कर रहे हैं।
ईरान में 2000 से ज्यादा ठिकानों पर कार्रवाई
CENTCOM द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन शुरू होने के 100 घंटों के भीतर अमेरिका और इजरायली सेना ने मिलकर ईरान के अंदर 2000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों का मुख्य मकसद ईरान की मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता को खत्म करना है। अमेरिकी आंकड़ों के मुताबिक, इन हमलों के बाद ईरान की तरफ से होने वाले मिसाइल हमलों में 86% और ड्रोन हमलों में 73% की कमी आई है।
सोशल मीडिया पर एक अमेरिकी F-15E विमान के गिराए जाने की अफवाह फैल रही थी, जिसे CENTCOM ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि यह खबर “झूठी और बेबुनियाद” है। इजरायली वायु सेना ने भी इस अभियान में सहयोग करते हुए लगभग 1600 उड़ानें भरी हैं।
तेल की कीमतों और यात्रा पर क्या है असर?
इस संघर्ष का सीधा असर आम लोगों, प्रवासियों और वैश्विक व्यापार पर दिख रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पिछले पांच दिनों से व्यापारिक जहाजों के लिए बंद है। इसके कारण दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसका असर आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम पर पड़ सकता है।
- सफर पर रोक: अमेरिका ने ईरान और लेबनान के लिए “Do Not Travel” की चेतावनी जारी की है।
- जहाज फंसे: दुबई और अबू धाबी के बंदरगाहों पर कई बड़े क्रूज और व्यापारिक जहाज सुरक्षा कारणों से रुके हुए हैं।
- सुरक्षा सलाह: सऊदी अरब, UAE और अन्य खाड़ी देशों ने अपनी सुरक्षा को लेकर बयान जारी किए हैं, वहां रहने वाले भारतीयों को स्थानीय खबरों पर नजर रखनी चाहिए।




