Israel ने Al-Aqsa Mosque में जुमे की नमाज पर लगाई रोक, ईरान से तनाव के चलते लिया बड़ा फैसला
इसराइल सरकार ने यरुशलम की ऐतिहासिक Al-Aqsa Mosque में जुमे की नमाज पर पूरी तरह रोक लगा दी है। यह आदेश 6 मार्च 2026, यानी शुक्रवार के लिए जारी किया गया है। ईरान और अमेरिका के साथ चल रहे क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए इजराइली प्रशासन ने यह कड़ा कदम उठाया है। रमजान के पवित्र महीने के दौरान ऐसा पहली बार हो रहा है जब सुरक्षा कारणों से मस्जिद को नमाजियों के लिए बंद किया गया है, इससे पहले कोविड के समय ही ऐसी पाबंदियां देखी गई थीं।
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किन जगहों पर लागू है यह पाबंदी?
इजराइल के Civil Administration के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल हिशाम इब्राहिम ने बताया कि यह रोक केवल एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि सभी धर्मों के लोगों और पर्यटकों के लिए है। सुरक्षा के लिहाज से Old City के प्रमुख धार्मिक स्थलों को बंद रखा गया है। जानकारी के मुताबिक 28 फरवरी 2026 से ही इन इलाकों में आवाजाही काफी सीमित कर दी गई थी।
- Al-Aqsa Mosque: यहां जुमे की नमाज नहीं होगी और प्रवेश बंद रहेगा।
- Temple Mount: यहां भी आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है।
- Western Wall: यह स्थल भी आम लोगों और पर्यटकों के लिए बंद रहेगा।
- Church of the Holy Sepulchre: यहां भी श्रद्धालुओं को जाने की अनुमति नहीं है।
सुरक्षा कारण और ओल्ड सिटी के हालात
प्रशासन ने इस फैसले के पीछे ‘स्टेट ऑफ इमरजेंसी’ और हवाई हमलों के खतरे को मुख्य वजह बताया है। पुलिस कमांडर Dvir Tamir के अनुसार, हाल ही में एक ईरानी मिसाइल का हिस्सा Temple Mount से मात्र 1000 मीटर की दूरी पर गिरा था। इसी खतरे को देखते हुए लोगों की जान बचाने के लिए यह सख्त फैसला लिया गया है। फिलहाल Old City में केवल वहां रहने वाले निवासियों और कुछ दुकानदारों को ही जाने की इजाजत दी जा रही है। शेख इकरिमा सब्री ने इस कदम को बेवजह बताया है, लेकिन प्रशासन सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।




