अमेरिका ने ईरानी ‘ड्रोन कैरियर’ जहाज को किया तबाह, 7 दिनों में डूब गए 30 से ज्यादा युद्धपोत
अमेरिका और इजराइल का संयुक्त सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ अब अपने सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है। शुक्रवार, 6 मार्च 2026 को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि उनकी सेना ने ईरान के एक विशाल ‘ड्रोन कैरियर’ जहाज को निशाना बनाया है। इस हमले के बाद जहाज पर भीषण आग लग गई है और उसे घने धुएं में घिरा हुआ देखा गया है। अमेरिकी सेना ने साफ कर दिया है कि वे ईरान की नौसेना की क्षमताओं को खत्म करने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं।
ईरानी जहाज ‘शाहिद बाघेरी’ पर हमला और अब तक का नुकसान
अमेरिकी सेना ने जिस जहाज को निशाना बनाया है, उसकी पहचान IRIS शाहिद बाघेरी के रूप में हुई है। यह एक कंटेनर जहाज था जिसे ड्रोन कैरियर में बदला गया था। CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि पिछले 72 घंटों में ईरान के अंदर करीब 200 ठिकानों पर हमले किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों का मकसद ईरान की दोबारा हथियार बनाने की क्षमता को खत्म करना है।
- पिछले सात दिनों में ईरान के 30 से ज्यादा युद्धपोत डूब गए या नष्ट हो गए हैं।
- ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की क्षमता में 90% की कमी आई है।
- ड्रोन हमलों की क्षमता भी 83% तक घट गई है।
- अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि यह अभियान अभी शुरुआती चरण में है।
खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों के लिए जरूरी अपडेट
इस संघर्ष का असर अब आसपास के खाड़ी देशों पर भी दिख रहा है, जो वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए चिंता का विषय हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी मिसाइलों ने हाल ही में बहरीन की राजधानी मनामा में एक होटल और रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा, कुवैत में अमेरिकी दूतावास ने अपना कामकाज फिलहाल के लिए रोक दिया है और अपने नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह दी है।
बाजार और तेल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरियों के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है, ताकि वे समुद्र में मौजूद रूसी तेल को खरीद सकें। इसका मकसद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से सप्लाई में आने वाली दिक्कतों को कम करना है। वहीं, ईरान के मिनाब में एक स्कूल पर हुए हमले की भी जांच चल रही है कि क्या इसमें अमेरिकी हथियारों का इस्तेमाल हुआ था।




