ईरान ने गल्फ में जहाज Prima पर किया ड्रोन हमला, तेल की कीमतों में आग, 92 डॉलर पहुंचा भाव
गल्फ क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। शनिवार, 7 मार्च 2026 की सुबह ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने माल्टा के झंडे वाले तेल टैंकर ‘Prima’ पर ड्रोन से हमला कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में हुआ है। ईरान का कहना है कि जहाज ने उनकी चेतावनियों को नजरअंदाज किया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
ईरान ने जहाज पर क्यों किया हमला?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बताया कि Prima टैंकर ने बार-बार दी गई नौसैनिक चेतावनियों का पालन नहीं किया। 2 मार्च 2026 से ही IRGC ने इस रास्ते को बंद घोषित कर रखा है और ‘प्रतिबंधित ट्रैफिक’ के तहत सख्त आदेश जारी किए थे।
अधिकारियों का कहना है कि जो भी जहाज नियमों को नहीं मान रहे या प्रतिबंधित श्रेणी में आते हैं, उन्हें इस रास्ते से जाने की अनुमति नहीं है। ईरान का दावा है कि पिछले आठ दिनों से इस जलमार्ग पर उनका पूरा नियंत्रण है।
आम लोगों और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?
इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें बढ़कर 92 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। जानकार मान रहे हैं कि यह जल्द ही 100 डॉलर तक भी जा सकता है। इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल के दाम और हवाई किराए पर पड़ सकता है।
गल्फ में रहने वाले भारतीयों और यात्रा करने वालों के लिए यह चिंता की बात हो सकती है। कई बड़ी शिपिंग कंपनियों ने अपने रास्ते बदल दिए हैं, जिससे सामान पहुंचने में अब 10 से 14 दिन ज्यादा लग रहे हैं और शिपिंग का खर्च भी बढ़ गया है।
अभी वहां क्या हालात हैं?
ताजा जानकारी के अनुसार, हमले में ड्रोन (UAV) का इस्तेमाल किया गया था। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी की जान जाने की खबर नहीं है, लेकिन जहाज को नुकसान पहुंचा है। इसी दौरान एक और जहाज ‘Mussafah 2’ पर भी हमला होने की खबर आई है।
फिलहाल Strait of Hormuz से जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है। सुरक्षा के डर से करीब 150 टैंकर खतरे वाले इलाके से बाहर लंगर डाले खड़े हैं। UKMTO ने भी सभी नाविकों को अधिकतम सावधानी बरतने की सलाह दी है।





