सऊदी अरब के बंदरगाहों पर बढ़ा भारी काम, खाड़ी देशों ने अपना सामान भेजने के लिए बदला रास्ता
खाड़ी देशों में चल रहे ताज़ा हालात और होर्मुज के रास्ते में आई दिक्कत के बाद अब एक बड़ा फैसला लिया गया है। सऊदी अरब के Red Sea (लाल सागर) वाले बंदरगाहों का इस्तेमाल अब पड़ोसी देश अपना सामान लाने और ले जाने के लिए कर रहे हैं। 7 मार्च 2026 की ताज़ा जानकारी के मुताबिक, यह कदम दुनिया भर में व्यापार को चालू रखने के लिए उठाया गया है क्योंकि पुराने रास्ते फिलहाल सुरक्षित नहीं माने जा रहे हैं।
किन बंदरगाहों पर बढ़ा है काम?
सऊदी अरब ने अपने पश्चिमी तट से तेल का निर्यात तीन गुना बढ़ा दिया है। मार्च के पहले हफ्ते में यहाँ से हर दिन करीब 25 लाख बैरल तेल भेजा गया है, जो फरवरी के मुकाबले काफी ज्यादा है। मुख्य रूप से Yanbu, Jeddah Islamic Port और King Abdullah Port का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये बंदरगाह अब न सिर्फ सऊदी के लिए बल्कि UAE, कुवैत और कतर जैसे देशों के लिए भी एक बड़े सहारे की तरह काम कर रहे हैं। बड़ी शिपिंग कंपनी Maersk ने भी अपना सारा काम इसी रूट पर शिफ्ट कर दिया है।
व्यापारियों और आम लोगों पर क्या असर होगा?
इस बदलाव के कारण सामान लाने-ले जाने का खर्चा थोड़ा बढ़ सकता है क्योंकि रास्ता बदला गया है। कंपनियाँ अब ‘इमरजेंसी फ्रेट’ चार्ज की बात कर रही हैं। जहाँ एक तरफ लाल सागर के बंदरगाह पूरी क्षमता से चल रहे हैं, वहीं पूर्वी हिस्से के Dammam और Jubail बंदरगाहों पर अभी सिर्फ घरेलू जहाजों को आने की इजाजत है। अंतरराष्ट्रीय बुकिंग वहां फिलहाल रोक दी गई है। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि मार्केट में खाने-पीने और जरूरी दवाओं की सप्लाई न रुके।




