Kuwait Ramadan News: कुवैत में तरावीह की नमाज सिर्फ 20 मिनट होगी, सुरक्षा कारणों से सरकार का बड़ा फैसला
कुवैत में इस साल रमजान के दौरान नमाज को लेकर नए और सख्त नियम जारी किए गए हैं। Ministry of Islamic Affairs ने शनिवार को ऐलान किया कि देश भर की मस्जिदों में तरावीह और कयाम की नमाज के समय को सीमित किया जा रहा है। यह फैसला मौजूदा सुरक्षा हालातों और आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। मंत्रालय ने सभी इमामों को इन नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।
तरावीह और कयाम नमाज के लिए क्या है नया समय?
मंत्रालय ने सभी 6 गवर्नरेट्स के इमामों के लिए एक सर्कुलर जारी किया है। इसमें नमाज के समय को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं ताकि मस्जिदों में व्यवस्था बनी रहे:
- Taraweeh Prayers: ईशा की नमाज के तुरंत बाद आयोजित की जाएगी और इसे अधिकतम 20 मिनट के भीतर पूरा करना होगा।
- Qiyam Prayers: देर रात की इस नमाज के लिए सिर्फ 30 मिनट का समय तय किया गया है, जो रात 12:00 बजे से 12:30 बजे के बीच होगी।
- Loudspeakers: बाहरी लाउडस्पीकर का इस्तेमाल केवल अजान और पांच वक्त की अनिवार्य नमाज के लिए होगा। तरावीह और कयाम के लिए बाहरी स्पीकर का उपयोग प्रतिबंधित है।
सुरक्षा कारणों से क्यों लिया गया यह फैसला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नमाज के समय में कटौती का यह फैसला स्थानीय और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थितियों से जुड़ा है। पिछले 48 घंटों में कुवैत की सुरक्षा एजेंसियों ने कई हवाई खतरों को रोका है, जिसमें 14 बैलिस्टिक मिसाइल और 23 ड्रोन शामिल हैं। Kuwait National Guard ने भी पुष्टि की है कि उन्होंने एक ड्रोन को मार गिराया है जो एक सुरक्षा स्थल की ओर बढ़ रहा था। पब्लिक सेफ्टी को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों और लंबी नमाज पर यह एहतियाती कदम उठाया है।
प्रवासियों और आम लोगों के लिए अन्य निर्देश
कुवैत में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों को ध्यान देना चाहिए कि इस साल मस्जिदों में विशेष ‘Ramadan prayer centers’ नहीं बनाए जाएंगे। इसके अलावा, बाहर से आने वाले मशहूर ‘Guest Reciters’ के कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए हैं। व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए इमाम और मस्जिद कर्मचारियों की छुट्टियां भी निलंबित कर दी गई हैं। मंत्रालय ने यह भी याद दिलाया है कि किसी भी तरह का चंदा या डोनेशन केवल अधिकृत और लाइसेंसी बैंक खातों के जरिए ही दिया जाना चाहिए।




