Saudi Arabia ने युद्ध के बीच Jeddah Port को लेकर लिया बड़ा फैसला, खाने-पीने की चीजों पर नहीं पड़ेगा असर
सऊदी अरब ने मौजूदा जंग के हालात को देखते हुए अपने सबसे अहम Jeddah Islamic Port की सुरक्षा और क्षमता दोनों बढ़ा दी है। Saudi Ports Authority यानी MAWANI ने साफ किया है कि अब समुद्र के रास्ते आने वाले सामानों की रफ्तार बढ़ाई जाएगी। इसका सीधा मकसद यह है कि देश में किसी भी तरह के जरूरी सामान की कमी न हो और सप्लाई चेन मजबूत बनी रहे।
नई सर्विस से आसान होगा सामान का आना
पोर्ट पर काम को तेज करने के लिए Maersk और Hapag-Lloyd जैसी बड़ी कंपनियों ने अपनी नई सर्विस शुरू की है। Maersk की “AE19” सर्विस अब सीधे जेद्दा को चीन और कोरिया से जोड़ेगी, जिससे बड़े जहाज आसानी से आ सकेंगे।
वहीं Hapag-Lloyd की नई “SE4” सर्विस 9 अलग-अलग जगहों से सामान लेकर यहाँ पहुंचेंगी। इसके लिए Sultan Logistics के साथ 250 मिलियन रियाल का एक नया एग्रीमेंट भी साइन किया गया है ताकि पोर्ट पर कंटेनर रखने की जगह और बढ़ाई जा सके।
आम आदमी और प्रवासी भारतीयों पर असर
बाजार में यह खबर है कि शिपिंग का खर्चा 30% तक बढ़ गया है क्योंकि रास्ते में जोखिम ज्यादा है और इंश्योरेंस महंगा हो गया है। लेकिन सरकार ने तय किया है कि गोदामों में अब “Just-in-time” के बजाय 90 दिन का राशन और जरूरी सामान एडवांस में रखा जाएगा।
इसका सीधा फायदा यह होगा कि सऊदी अरब में काम कर रहे भारतीय लोगों और स्थानीय नागरिकों को खाने-पीने की चीजों या दवाइयों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। जेद्दा पोर्ट अब एक प्रमुख रास्ते की तरह काम करेगा ताकि युद्ध के तनाव का असर आम आदमी की रसोई तक न पहुंचे।





