कतर के समर्थन में आया फ्रांस, राष्ट्रपति मैक्रों ने किया फोन और भेजी अपनी सेना
कतर और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच फ्रांस ने कतर का पूरा साथ देने का वादा किया है। 8 मार्च 2026 को फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने कतर के अमीर Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani से फोन पर बात की। इस बातचीत में फ्रांस ने कतर की सुरक्षा के लिए अपनी सेना और राफेल जेट भेजने की पुष्टि की है। यह फैसला कतर में हाल ही में हुए हमलों के बाद लिया गया है, जिसने खाड़ी देशों में चिंता बढ़ा दी है।
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फ्रांस ने कतर की मदद के लिए क्या भेजा?
राष्ट्रपति मैक्रों ने साफ कहा कि जब कतर पर हमला होता है, तो फ्रांस चुप नहीं बैठेगा। दोनों देशों के बीच हुए रक्षा समझौतों के तहत फ्रांस ने अपनी ‘सक्रिय एकजुटता’ दिखाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रांस ने कतर की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए Rafale फाइटर जेट्स, एयर डिफेंस सिस्टम और रडार की तैनाती की है। राष्ट्रपति ने कतर की सेना की भी तारीफ की, जिन्होंने हमलों के दौरान वहां रह रहे निवासियों और फ्रांसीसी नागरिकों की सुरक्षा की।
फ्लाइट्स और ऑफिस के नियमों में क्या बदलाव हुआ?
कतर में रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षा को देखते हुए कुछ नए नियम लागू किए गए हैं:
- ऑफिस का नियम: सोमवार, 9 मार्च से सरकारी दफ्तरों में केवल 30% कर्मचारी ही ऑफिस आएंगे, जबकि 70% लोग घर से काम (Work From Home) करेंगे।
- स्कूल: प्राइवेट स्कूलों में भी पढ़ाई ऑनलाइन तरीके से चल रही है, करीब 70% बच्चे घर से पढ़ रहे हैं।
- फ्लाइट्स: 8 मार्च को Qatar Airways की 6 फ्लाइट्स सुरक्षित दोहा में उतरीं, लेकिन अभी भी एयरस्पेस पूरी तरह नहीं खुला है। 9 से 11 मार्च तक उड़ानें सीमित रहेंगी।
ईरान की तरफ से क्या सफाई दी गई?
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने पड़ोसी देशों पर हुए हमलों के लिए माफी मांगी है। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर उनके खिलाफ हमलों के लिए इन देशों की जमीन का इस्तेमाल हुआ, तो वे फिर से कार्रवाई करेंगे। दूसरी तरफ, दोहा में मौजूद ईरानी राजदूत Ali Salehabadi ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया जिसमें कहा गया था कि उन्हें एक हफ्ते के अंदर कतर छोड़ने को कहा गया है।





