ईरान ने इस्राइल पर दागी 30वीं मिसाइल वेव, सऊदी अरब में 2 प्रवासियों की मौत और 279 उड़ानें रद्द
ईरान और इस्राइल के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. 8 और 9 मार्च 2026 को ईरान ने इस्राइल की तरफ मिसाइलों की 28वीं, 29वीं और 30वीं वेव दागी है. इस हमले का असर पूरे मिडिल ईस्ट पर पड़ रहा है. सऊदी अरब, UAE, कुवैत और बहरीन में भी ड्रोन और मिसाइल रोके गए हैं. सऊदी अरब में मिसाइल के मलबे से 2 बांग्लादेशी नागरिक की मौत हो गई है. इसके साथ ही भारत से मिडिल ईस्ट जाने वाली कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं.
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर क्या असर पड़ा?
खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह समय काफी मुश्किल भरा है. क्षेत्रीय नागरिक सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों को अलर्ट पर रखा है. आसमान से गिरने वाले मलबे से बचने के लिए लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहने के निर्देश दिए गए हैं.
- सऊदी अरब के अल खर्ज में प्रोजेक्टाइल गिरने से 2 विदेशी नागरिकों की जान चली गई, जिनमें 2 बांग्लादेशी शामिल हैं.
- भारतीय एयरलाइंस ने वेस्ट एशिया जाने वाली अपनी 279 निर्धारित उड़ानें रद्द कर दी हैं.
- Dubai (DXB) और इस्राइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन काफी सीमित कर दिया गया है.
- सऊदी अरामको ने सुरक्षा को देखते हुए अपने कच्चे तेल के शिपमेंट को यनबू पोर्ट की तरफ मोड़ दिया है.
इस्राइल और अमेरिका की तरफ से क्या कार्रवाई हुई?
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के नेतृत्व में मिसाइल हमले तेज किए गए हैं. इसके जवाब में इस्राइल और अमेरिका भी कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं. इस्राइल के होम फ्रंट कमांड ने नागरिकों को सुरक्षित जगहों पर रहने को कहा है.
इस्राइल के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ईरानी मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है. इसके अलावा इस्राइली वायुसेना ने ईरान के अंदर 400 से ज्यादा हवाई हमले किए हैं. इन हमलों में शाहरुद और पारचिन में मिसाइल बनाने वाली जगहों को निशाना बनाया गया है. तेहरान की तेल रिफाइनरियों पर भी हमले हुए हैं जिससे वहां बिजली गुल हो गई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और CENTCOM ने ईरान के खिलाफ अपना अभियान जारी रखने की बात कही है. 8 मार्च को अमेरिका के 7वें सैनिक की जान चली गई, जो पहले के हमलों में घायल हुआ था. पेंटागन के अनुसार इस युद्ध के पहले हफ्ते में ही मिसाइल रोकने और अन्य सैन्य कामों पर करीब 6 अरब डॉलर का खर्च आ चुका है.





