Israel Attack Update: इजरायल ने ईरान के 30 तेल ठिकानों पर किया बड़ा हमला, अमेरिका ने जताई नाराजगी
7 और 8 मार्च 2026 को इजरायल ने ईरान के 30 तेल ठिकानों और रिफाइनरियों पर बड़ा हमला किया है। इस हमले के बाद अमेरिका और इजरायल के बीच पहली बार बड़ा विवाद सामने आया है। अमेरिका ने इस हमले पर सख्त नाराजगी जताई है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से दुनिया भर में तेल के दाम तेजी से बढ़ सकते हैं। हमले में कम से कम 4 टैंकर ड्राइवरों की मौत की खबर है और तेहरान के आसमान पर काला धुआं छा गया है।
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अमेरिका ने क्यों जताई हमले पर नाराजगी
इजरायल ने हमले से पहले अमेरिका को जानकारी दी थी लेकिन यह कार्रवाई अमेरिका की उम्मीद से कहीं ज्यादा बड़ी थी। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने साफ़ कहा कि उन्हें यह कदम सही नहीं लगा।
- इजरायली अधिकारियों के अनुसार अमेरिका की तरफ से उन्हें काफी कड़ा संदेश मिला है।
- अमेरिका को डर है कि आम जनता के इस्तेमाल वाले तेल ठिकानों पर हमले से ईरानी नागरिक अपनी सरकार के समर्थन में एकजुट हो सकते हैं।
- एक सलाहकार ने बताया कि अमेरिकी प्रशासन तेल को बचाना चाहता है और उन्हें यह हमला पसंद नहीं आया।
पेट्रोल और गैस की कीमतों पर असर
इस हमले का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। 5 मार्च को क्रूड ऑयल के दाम में 12.2 प्रतिशत का उछाल आया और यह 90.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
- अमेरिका में 5 मार्च को गैस की राष्ट्रीय औसत कीमत 3.32 डॉलर प्रति गैलन थी।
- विशेषज्ञों के मुताबिक यह कीमत बहुत जल्द 3.50 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच जाएगी।
- इस महीने के अंत तक गैस की कीमतें 4 डॉलर प्रति गैलन के पार जाने की आशंका है।
तेहरान में हमले के बाद के हालात
इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने दावा किया है कि जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया उनका इस्तेमाल ईरान की सेना कर रही थी। इनमें शाहरान ऑयल रिफाइनरी, टोंडगौयान ऑयल रिफाइनरी और कई फ्यूल डिपो शामिल हैं।
- हमले के कारण भयंकर आग लगी है जिससे तेहरान के आसमान में जहरीला काला धुआं फैल गया है।
- हवा में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है और ईंधन जलने के कारण काली बारिश होने की बात सामने आई है।
- इस घटना में कम से कम 4 टैंकर ड्राइवरों की जान चली गई है।





