ईरान का बड़ा ऐलान, Mojtaba Khamenei बने नए सुप्रीम लीडर, इराक के शिया गुटों ने किया फैसले का स्वागत
ईरान के नए सुप्रीम लीडर के तौर पर Mojtaba Khamenei के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। 56 वर्षीय मोजतबा अपने पिता अली खामेनेई की जगह लेंगे जिनका 28 फरवरी को निधन हो गया था। इस फैसले का इराक में मौजूद ईरान समर्थक गुटों ने स्वागत किया है। इस बड़ी खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent crude) की कीमत 100 डॉलर के पार जाकर 108.73 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।
इराक के शिया गुटों ने फैसले पर क्या कहा?
इराक के कई बड़े शिया राजनीतिक और सैन्य गुटों ने मोजतबा खामेनेई के चयन का समर्थन किया है।
- Badr Organisation: इस शिया राजनीतिक और सैन्य गुट ने कहा कि यह नया नेतृत्व इस्लामिक क्रांति के रास्ते की एक निरंतरता है।
- Asaib Ahl al-Haq (AAH): इस गुट के अनुसार यह फैसला ईरान के एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस में मुख्य भूमिका को और मजबूत करेगा।
- Kataeb Hezbollah (KH): इन्होंने कहा कि यह नियुक्ति देश के सामने आने वाली चुनौतियों की गहरी समझ का नतीजा है।
अमेरिका और इस्राइल का क्या रुख है?
इस फैसले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस नियुक्ति को अस्वीकार्य बताया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी मंजूरी के बिना यह नया नेता ज्यादा दिन तक नहीं टिक पाएगा। वहीं दूसरी तरफ ईरान के सरकारी मीडिया ने कुछ वीडियो जारी किए हैं जिनमें इस्राइल पर दागी जा रही मिसाइलों पर At Your Command, Sayyid Mojtaba लिखा हुआ था। इसके तुरंत बाद इस्राइल की सेना (IDF) ने मध्य ईरान में कई जगहों पर हवाई हमले किए हैं।
1979 के बाद पहली बार हुआ ऐसा बदलाव
ईरान के संविधान के अनुच्छेद 111 के तहत 88 सदस्यों वाली Assembly of Experts ने मोजतबा खामेनेई को चुना है। 1979 की क्रांति के बाद यह पहली बार है जब ईरान में पिता के बाद बेटे को सुप्रीम लीडर बनाया गया है। ईरान के वरिष्ठ अधिकारी अली लारीजानी ने हवाई हमलों के बीच इस बैठक को करने के लिए असेंबली के साहस की तारीफ की है। मोजतबा खामेनेई के पास IRGC और Basij अर्धसैनिक बलों का मजबूत समर्थन मौजूद है।





