ईरान में हमले के बाद रूस ने शुरू की कर्मचारियों की वापसी, Bushehr Nuclear Plant का निर्माण रुका
ईरान में हाल ही में हुए सैन्य हमलों के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। इस बीच रूस की सरकारी परमाणु कंपनी Rosatom ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने ईरान के Bushehr Nuclear Power Plant से अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों को निकालना शुरू कर दिया है। यूनिट 2 और 3 के निर्माण कार्य में लगे दूसरे समूह को वापस रूस भेजा जा रहा है। सुरक्षा कारणों से यहां निर्माण कार्य को पूरी तरह से रोक दिया गया है।
कैसे हो रही है कर्मचारियों की वापसी
कमर्शियल उड़ानों के लिए ईरान का एयरस्पेस बंद होने के कारण वापसी के लिए एक विशेष रूट तैयार किया गया है।
- पहला समूह: लगभग 100 लोगों को मार्च की शुरुआत में ही सुरक्षित निकाल लिया गया था। इसमें मुख्य रूप से बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य शामिल थे।
- दूसरा समूह: अब 150 से 200 उन कर्मचारियों को निकाला जा रहा है जो गैर-जरूरी काम से जुड़े हैं।
- सड़क मार्ग का इस्तेमाल: इन लोगों को सड़क के रास्ते अजरबैजान या आर्मेनिया ले जाया जा रहा है और वहां से फ्लाइट्स के जरिए रूस भेजा जा रहा है।
हालांकि 400 से 600 जरूरी विशेषज्ञ अभी भी प्लांट में मौजूद हैं ताकि पहले से चालू यूनिट 1 की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्लांट की सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा
Rosatom के CEO अलेक्सी लिचाचेव ने बताया है कि प्लांट को सीधे तौर पर निशाना नहीं बनाया गया है लेकिन कुछ किलोमीटर की दूरी पर धमाके रिकॉर्ड किए गए हैं। इस प्लांट में 72 टन एक्टिव और 210 टन इस्तेमाल किया हुआ ईंधन मौजूद है। अगर इस प्लांट पर कोई हमला होता है तो यह पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़ी तबाही ला सकता है।
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल रिएक्टरों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। रूसी दूतावास भी लगातार अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए कूटनीतिक स्तर पर काम कर रहा है।
आगे क्या होगा असर
रूसी कर्मचारियों के वापस जाने से ईरान के परमाणु विस्तार योजना में भारी देरी होगी। यूनिट 2 और 3 का निर्माण फिलहाल अनिश्चित काल के लिए टल गया है। आसपास के देशों ने भी रेडिएशन मॉनिटरिंग नेटवर्क को अलर्ट पर रखा है। खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए यह खबर अहम है क्योंकि परमाणु संयंत्र के आसपास के इलाके अब एक्टिव कॉन्फ्लिक्ट जोन में गिने जा रहे हैं।





