Iraq Govt Announcement: इराक ने कुवैत को दिया भरोसा, पड़ोसी देशों पर हमले के लिए नहीं इस्तेमाल होगी हमारी ज़मीन
गल्फ देशों में बढ़ते तनाव के बीच इराक सरकार ने एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। इराक के विदेश मंत्रालय ने कुवैत के राजदूत को यह स्पष्ट कर दिया है कि इराक की ज़मीन, हवाई क्षेत्र या पानी का इस्तेमाल किसी भी पड़ोसी देश पर हमले के लिए नहीं किया जाएगा। यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच संघर्ष तेज हो गया है और सऊदी अरब तथा कुवैत जैसे देशों में ड्रोन हमले देखे गए हैं।
गल्फ में मौजूदा हालात और इराक का स्टैंड
9 मार्च 2026 को इस्राइल ने ईरान के कई शहरों जैसे तेहरान और इस्फहान पर हमले किए हैं। इस माहौल में इराक पर निष्पक्ष बने रहने का भारी दबाव है क्योंकि ईरानी ड्रोन और मिसाइलों ने हाल ही में कुवैत, सऊदी अरब और बहरीन में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है।
इराक के विदेश मंत्रालय ने अपने संविधान का हवाला देते हुए कहा है कि वह यूएन चार्टर और कूटनीतिक नियमों का पालन करेगा। इराक के सत्तारूढ़ गठबंधन स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन कोएलिशन ने भी स्पष्ट किया है कि उनके देश को अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने का मैदान नहीं बनने दिया जाएगा।
कुवैत का कड़ा कदम और तेल उत्पादन में कटौती
ईरान की तरफ से होर्मूज जलडमरूमध्य में शिपिंग को लेकर मिली धमकियों के बाद कुवैत ने बड़ा फैसला लिया है। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने फोर्स मेज्योर घोषित करते हुए तेल उत्पादन में कटौती कर दी है। कुवैत इंटरनेशनल Airport पर ईंधन टैंकों के पास हुए हमलों के कारण देश ने यह अतिरिक्त सुरक्षा कदम उठाया है।
आम लोगों और प्रवासियों पर इसका असर
इस संघर्ष का सीधा असर गल्फ में काम करने वाले प्रवासियों और आम लोगों पर पड़ रहा है। हालिया हमलों में सऊदी अरब के अल-खर्ज इलाके में दो विदेशी प्रवासियों की जान गई है और कुवैत सीमा पर भी नुकसान दर्ज किया गया है।
- सुरक्षा कारणों से दुबई और कुवैत इंटरनेशनल Airport को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
- बीते 48 घंटों में ड्रोन हमलों के कारण उड़ानों में देरी और एयरपोर्ट के बीच-बीच में बंद होने की स्थिति बनी हुई है।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।





