Tehran Attack: तेहरान में रिलीफ मिशन पर गई एंबुलेंस पर हमला, वाहन जलकर हुआ राख
9 मार्च 2026 को ईरान की राजधानी तेहरान में एक बड़ी घटना सामने आई है. IRNA न्यूज़ एजेंसी और तेहरान इमरजेंसी सर्विस ने इस बात की पुष्टि की है कि राहत कार्य में लगी एक मेडिकल एंबुलेंस पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ है. इस हमले में एंबुलेंस पूरी तरह से जलकर खाक हो गई और अब इस्तेमाल के लायक नहीं बची है. राहत की बात यह रही कि एंबुलेंस में मौजूद इमरजेंसी कर्मचारी बाल-बाल बच गए और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं.
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हमले के बाद इमरजेंसी सर्विस पर असर
इस हमले के बाद तेहरान की मेडिकल और इमरजेंसी सुविधाओं पर दबाव बढ़ गया है. तेहरान इमरजेंसी सर्विस के प्रमुख मोहम्मद इस्माइल तवकोली ने इस घटना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मेडिकल स्टाफ पर हुए इस हमले के बावजूद शहर में इमरजेंसी ऑपरेशन पूरी क्षमता से चलते रहेंगे. अधिकारियों ने बैकअप पावर और अतिरिक्त सपोर्ट वाहनों को काम पर लगा दिया है ताकि आम लोगों को मेडिकल सहायता मिलने में कोई परेशानी न हो. लगातार हो रहे वाहनों के नुकसान की वजह से लोगों तक पहुंचने के समय में थोड़ी देरी हो सकती है.
हाल ही में हुए मेडिकल सुविधाओं पर हमले
पिछले कुछ दिनों से तेहरान और पूरे ईरान में मेडिकल सुविधाओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. मार्च के पहले हफ्ते में ही कई ऐसे हमले दर्ज किए गए हैं. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन और ईरानी स्वास्थ्य अधिकारियों के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च की शुरुआत में कम से कम 13 बार हेल्थकेयर सुविधाओं पर हमला हुआ है.
- 2 मार्च: प्रांतीय इमरजेंसी सर्विस के मुख्यालय को निशाना बनाया गया.
- 8 मार्च: पूर्वी तेहरान के Tehranpars इलाके में एक और एंबुलेंस को नष्ट कर दिया गया.
- 9 मार्च: ताजा घटना को मिलाकर पिछले एक हफ्ते में तेहरान में कम से कम 9 एंबुलेंस बर्बाद हो चुकी हैं.
- अस्पतालों को नुकसान: रेड क्रिसेंट की इमारतों के साथ-साथ गांधी और खातम अल-अंबिया जैसे बड़े अस्पतालों को भी निशाना बनाया गया है.
अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत मेडिकल टीमों और एंबुलेंस पर हमला करना मना है. ईरानी अधिकारियों ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे पूरी तरह से गलत ठहराया है.





