सऊदी अरब ने 500 खाड़ी नागरिकों के लिए चलाई ‘Orient Train’, फ्लाइट बंद होने पर सरकार का बड़ा कदम
सऊदी अरब में क्षेत्रीय हालात बिगड़ने और हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण 500 खाड़ी नागरिकों को सुरक्षित उनके देश भेजने के लिए एक विशेष ट्रेन चलाई गई है। 9 मार्च 2026 को सऊदी सरकार ने ‘Orient Train’ का इस्तेमाल करते हुए इन यात्रियों को रियाद से बॉर्डर इलाकों तक पहुंचाया है। यह कदम तब उठाया गया जब उड़ानें रद्द होने की वजह से हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए थे। ऐसे में सरकार ने अपने नागरिकों और अन्य खाड़ी देशों के लोगों की मदद के लिए ट्रेन सेवा का सहारा लिया।
फ्लाइट्स बंद होने पर Orient Train से कैसे हुई मदद
खाड़ी देशों में मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण कई एयरपोर्ट बंद कर दिए गए थे। रियाद का King Khalid International Airport चालू था, जहां से लोगों को निकालने की योजना बनाई गई। इस दौरान सड़क के रास्ते सफर करना लंबा और मुश्किल था, इसलिए ट्रेन को चुना गया।
- सऊदी अरब रेलवे (SAR) और इटली की Arsenale Group की नई ‘Dream of the Desert’ ट्रेन को इस आपात स्थिति में समय से पहले ही शुरू कर दिया गया।
- रियाद नॉर्थ ट्रेन स्टेशन से यह ट्रेन 500 GCC नागरिकों को लेकर रवाना हुई।
- सफर 1000 किलोमीटर से ज्यादा का था, जिसे आरामदायक बनाने के लिए इस लग्जरी ट्रेन को चुना गया।
- यात्रियों को नॉर्दर्न और ईस्टर्न बॉर्डर तक सुरक्षित पहुंचाया गया ताकि वे अपने देश वापस जा सकें।
इस सफर का किराया और नियम क्या है
इस आपातकालीन स्थिति में सरकार ने लोगों की मदद के लिए इसे एक राहत सेवा के तौर पर चलाया है। सऊदी ट्रांसपोर्ट मंत्री सालेह अल-जासर ने बताया कि लोगों की सुरक्षा के लिए हर संभव लॉजिस्टिक सुविधा का इस्तेमाल किया जा रहा है।
- यह एक सरकारी राहत सेवा है, इसलिए यात्रियों से कोई टिकट का पैसा नहीं लिया गया।
- सफर करने के लिए ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री और इमरजेंसी मैनेजमेंट अथॉरिटी के पास रजिस्ट्रेशन करना जरूरी था।
- फ्लाइट रद्द होने के कारण फंसे GCC नागरिकों और वैध वीजा वाले निवासियों को पहले चढ़ने का मौका दिया गया।
- बॉर्डर पार करने के लिए GCC सचिवालय ने UAE, कुवैत और कतर के साथ तालमेल बिठाया।





