Israel Lebanon War: इजरायल ने लेबनान में रातभर किए हमले, 486 लोगों की मौत और 1313 घायल
लेबनान की नेशनल न्यूज़ एजेंसी (NNA) और स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली विमानों ने रातभर देश के कई हिस्सों में भारी हमले किए हैं. स्वास्थ्य मंत्री रकान नासेरेद्दीन ने पुष्टि की है कि इन हमलों की हालिया लहर में कम से कम 486 लोगों की मौत हो चुकी है और 1313 लोग घायल हुए हैं. मरने वालों में कम से कम 83 बच्चे और 42 महिलाएं भी शामिल हैं. इस सैन्य कार्रवाई से पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाएं और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
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किन इलाकों में हुआ सबसे ज्यादा नुकसान?
इजरायल की सेना (IDF) ने दक्षिणी और पूर्वी लेबनान के कई रिहायशी और पहाड़ी इलाकों को निशाना बनाया है. इन हमलों के बाद कई जगहों पर ग्राउंड ऑपरेशन भी किए गए हैं.
- Almajadel, Shaqra, Srifa और Bekaa Valley जैसे इलाकों में रातभर हवाई हमले किए गए.
- Nabi Chit इलाके में इजरायली कमांडो ने एक लापता पायलट की तलाश में जमीनी ऑपरेशन किया, जिसके बाद लेबनानी सैनिकों के साथ उनकी गोलीबारी हुई.
- जवाबी कार्रवाई में Hezbollah ने सीमा के पास स्थित Al-Malikiyah और Jabal al-Bat मिलिट्री साइट्स पर रॉकेट दागे हैं.
- IDF ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए Dahiyeh और Litani River के दक्षिण में रहने वालों के लिए जगह खाली करने का आदेश जारी रखा है.
अस्पतालों और आम लोगों पर क्या असर पड़ा?
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार इन हमलों का सीधा असर मेडिकल सुविधाओं और वहां काम करने वाले लोगों पर पड़ रहा है. आम लोगों के लिए इलाज कराना मुश्किल हो गया है.
- लगातार हो रहे हमलों के कारण अब तक 9 स्वास्थ्य कर्मियों की मौत हो चुकी है.
- इलाके में भारी नुकसान और खतरे को देखते हुए 43 प्राइमरी केयर सेंटर और 5 बड़े अस्पतालों को बंद करना पड़ा है.
- स्वास्थ्य मंत्री ने चिंता जताई है कि एम्बुलेंस और हेल्थ सेंटर भी सीधे निशाने पर आ रहे हैं, जिससे आपातकालीन मेडिकल टीम बहुत बड़े खतरे के बीच काम कर रही है.
सरकार और सेना का क्या कहना है?
IDF के प्रवक्ता का कहना है कि उन्होंने 24 घंटे के अंदर 100 से ज्यादा हमले किए हैं, जिनमें मुख्य रूप से हथियारों के गोदामों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इस युद्ध को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल के साथ सीधी बातचीत की मांग की है. देश के इन गंभीर हालातों को देखते हुए लेबनान की संसद ने मई 2026 में होने वाले चुनाव को दो साल के लिए आगे बढ़ा दिया है. इसके अलावा, लेबनान के न्याय मंत्री ने एक सैन्य कोर्ट जज के खिलाफ जांच का आदेश दिया है, जिन्होंने संकट के बीच 20 डॉलर की मामूली जमानत पर हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा कर दिया था.




