Iran US Attack: ईरान के अराक शहर में अमेरिका और इजरायल का बड़ा हमला, रिहायशी इमारत पर गिरे बम में 5 की मौत
ईरान के पश्चिमी शहर अराक में अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए एयर स्ट्राइक में एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया गया है। इस हमले में 5 लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हुए हैं। ईरानी समाचार एजेंसी ISNA और अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार यह हमला 10 मार्च 2026 को हुआ है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध का यह 10वां दिन है और अब हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अराक के अलावा राजधानी तेहरान की एक तेल रिफाइनरी और इस्फहान में भी हमले की खबरें सामने आई हैं।
खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों पर इसका क्या असर पड़ रहा है?
इस युद्ध का सीधा असर खाड़ी देशों पर पड़ने लगा है जो वहां काम करने वाले लाखों प्रवासियों के लिए चिंता का विषय है। कुवैत ने अपने उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों में 6 ड्रोन मार गिराए हैं। वहीं सऊदी अरब के पूर्वी तेल-बहुल इलाके में भी 2 ड्रोन नष्ट किए गए हैं। बहरीन में ईरान के जवाबी हमले में एक 29 वर्षीय महिला की जान चली गई है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कड़ा बयान दिया है कि अगर उनके बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रहे तो वे होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर देंगे और एक लीटर भी तेल बाहर नहीं जाने देंगे। इससे पूरी दुनिया में तेल की कीमतों और शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
इस युद्ध में अमेरिका और इजरायल की क्या रणनीति है?
अमेरिका इस सैन्य कार्रवाई को Operation Epic Fury के तहत चला रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि यह संघर्ष बहुत जल्द खत्म हो सकता है। अमेरिका का मुख्य लक्ष्य ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को खत्म करना है। वहीं इजरायल की सेना ईरान के कई सैन्य ठिकानों को लगातार निशाना बना रही है और उनका कहना है कि वे ईरान की वर्तमान व्यवस्था को बदलना चाहते हैं। दूसरी तरफ WHO ने तेहरान की तेल रिफाइनरी पर हुए हमले के बाद फैल रहे काले धुएं से स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान को लेकर चेतावनी जारी की है।




