Iran US Conflict: ईरान का इराक में अमेरिकी बेस पर 5 मिसाइलों से बड़ा हमला, मिडिल ईस्ट में 40 हजार उड़ानें रद्द
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इराक के कुर्दिस्तान स्थित एर्बिल में अमेरिकी सेना के हरिर एयर बेस (Harir Air Base) पर बड़ा हमला किया है. आधिकारिक बयान के अनुसार, इस सैन्य अड्डे पर 5 मिसाइलें दागी गई हैं. इस बीच अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी (Operation Epic Fury) के तहत ईरान के मिसाइल उत्पादन को खत्म करने का अभियान शुरू कर दिया है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अब तक 40 हजार से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द हो चुकी हैं, जिसका सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले और सफर करने वाले लोगों पर पड़ रहा है.
क्या है ईरान और अमेरिका का ताजा विवाद
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ बातचीत का कोई इरादा नहीं है और मिसाइल हमले जरूरत पड़ने तक जारी रहेंगे. IRGC ने एक बयान जारी करके कहा है कि युद्ध कब खत्म होगा, यह उनका फैसला होगा. दूसरी तरफ अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि इस संघर्ष में अब तक उनके 7 सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें हाल ही में सार्जेंट बेंजामिन एन पेनिंगटन का नाम शामिल किया गया है. अमेरिका अब ईरान की मिसाइल बनाने की क्षमता को निशाना बना रहा है.
आम लोगों और यात्रियों पर क्या पड़ रहा है असर
इस संघर्ष का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों और यात्रियों पर हो रहा है. 28 फरवरी से अब तक 1332 से ज्यादा आम नागरिकों की मौत की खबर सामने आई है. कुर्दिस्तान क्षेत्र में प्रशासन ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं.
- उड़ानों पर असर: 28 फरवरी से 9 मार्च के बीच मिडिल ईस्ट में 40 हजार से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं.
- यात्रा पर पाबंदी: कुर्दिस्तान क्षेत्र से ईरान जाने वाले सभी रास्तों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है.
- तेल की सप्लाई: ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल का निर्यात रोक देगा.
- सुरक्षा एडवाइजरी: स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सायरन बजने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सख्त सलाह दी है.
UAE ने हमले पर जताई कड़ी आपत्ति
इस पूरे विवाद में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी अपना सख्त रुख स्पष्ट किया है. UAE के विदेश मंत्रालय ने एर्बिल में उनके वाणिज्य दूतावास (Consulate General) पर हुए एक अलग ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की है. UAE ने इसे एक खतरनाक कदम बताया है और कहा है कि यह विएना कन्वेंशन के नियमों के बिल्कुल खिलाफ है. खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए हालात चिंताजनक बने हुए हैं क्योंकि फ्लाइट कैंसिलेशन और तेल निर्यात रुकने की धमकियों से आने वाले दिनों में यात्रा और महंगाई दोनों पर असर पड़ सकता है.





