Aramco ने दुनिया को दी बड़ी चेतावनी, होर्मुज में ईरान युद्ध के कारण तेल बाजार में मचेगी तबाही
सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल कंपनी Aramco ने मंगलवार को दुनिया भर के तेल बाजारों के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है। कंपनी के सीईओ अमीन नासिर ने कहा है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान युद्ध के कारण जहाजों की आवाजाही इसी तरह बाधित रही, तो इसके परिणाम बेहद भयानक हो सकते हैं। ग्लोबल मार्केट में तेल का स्टॉक पिछले 5 सालों के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। इस संकट का असर सिर्फ तेल पर नहीं, बल्कि शिपिंग, एविएशन, खेती और ऑटो इंडस्ट्री पर भी सीधे तौर पर पड़ रहा है।
होर्मुज में क्यों रुके हैं जहाज और क्या है ईरान की धमकी
ओमान ऑब्जर्वर की रिपोर्ट के अनुसार, इस समय ओमान के पास करीब 150 कमर्शियल टैंकर खड़े हैं और शिपिंग लगभग पूरी तरह से रुक गई है।
- ईरान के IRGC ने ऐलान किया है कि अगर अमेरिका और इजरायल के हमले जारी रहे, तो वे पश्चिम एशिया से एक लीटर भी तेल बाहर नहीं जाने देंगे।
- इसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान इस अहम रास्ते को ब्लॉक करता है, तो अमेरिका उस पर और भी कड़ा प्रहार करेगा।
- 8 से 9 मार्च के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या न के बराबर हो गई है।
- फारस की खाड़ी के लिए जहाजों का वॉर रिस्क इंश्योरेंस भी अब वापस लिया जा चुका है, जिससे संकट और गहरा गया है।
Aramco का नया प्लान और मुनाफे का हाल
पिछले हफ्ते सऊदी के सबसे बड़े रिफाइनरी रस तनूरा पर हुए हमले के बाद लगी आग को बुझा लिया गया है और अब इसे फिर से शुरू किया जा रहा है। तेल के गिरते दामों के कारण Aramco के सालाना मुनाफे में 12 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बावजूद कंपनी ने पहली बार 3 बिलियन डॉलर का शेयर बायबैक प्रोग्राम और 2026 की पहली तिमाही के लिए 21.89 बिलियन डॉलर का डिविडेंड देने का फैसला किया है।
होर्मुज के रास्ते को दरकिनार करने के लिए Aramco अब अपने कच्चे तेल को लाल सागर के Yanbu पोर्ट और ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के जरिए भेज रही है। इसके अलावा कंपनी ने एशियाई ग्राहकों को तेल पहुंचाने के लिए मिस्र के ऐन सुखना जैसे बाहरी पोर्ट से 40 लाख बैरल तेल सप्लाई करने का टेंडर भी जारी किया है।





