इज़राइल ने लेबनान में तेज़ किए हमले, 6 लाख लोग हुए बेघर और नया बफर जोन बनाने की तैयारी
इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष अब और तेज़ हो गया है. 10 मार्च 2026 तक इज़राइल ने दक्षिणी और पूर्वी लेबनान के साथ-साथ बेरूत में कई बड़े हवाई हमले किए हैं. ताज़ा हमलों के बाद लेबनान में करीब 6 लाख लोग बेघर हो गए हैं. इज़रायली सेना अपनी सीमा को सुरक्षित करने के लिए लेबनान के अंदर 10 किलोमीटर तक घुसकर एक नया बफर जोन बना रही है. इस बीच लेबनान के राष्ट्रपति ने युद्धविराम के लिए सीधे बातचीत की अपील की है.
क्या है ज़मीनी हालात और लोगों का विस्थापन
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार लेबनान में इस समय भारी मानवीय संकट पैदा हो गया है. इज़रायली सेना (IDF) ने लितानी नदी के दक्षिण, टायर शहर और बेरूत के दहिया इलाके के लोगों को तुरंत अपना घर खाली करने का निर्देश दिया है. इस कारण लाखों लोग अपना इलाका छोड़कर भागने को मजबूर हैं.
- अब तक 6 लाख से ज़्यादा लोग अपना घर छोड़कर जा चुके हैं.
- स्कूल और शेल्टर हाउस पूरी तरह भर चुके हैं और कई लोग सड़कों पर सोने को मजबूर हैं.
- इज़रायली हमलों में हिज़्बुल्लाह से जुड़े वित्तीय संस्थान ‘अल-कर्ड अल-हसन’ की ब्रांच और उनके कमांड सेंटरों को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया है.
- बेरूत की एक सैन्य अदालत ने दक्षिण लेबनान में लड़ने जाने वाले लोगों पर 20 डॉलर का जुर्माना तय किया है.
दोनों देशों की सरकार का क्या है प्लान
इज़राइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने स्पष्ट किया है कि हिज़्बुल्लाह से हथियार वापस लेना ज़रूरी है. सीमावर्ती बस्तियों को सुरक्षित करने के लिए इज़रायली सेना लेबनान के अंदर रणनीतिक ठिकानों पर अपना कब्ज़ा कर रही है. इज़राइल में 2 मार्च से अब तक करीब 1573 इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है.
दूसरी तरफ लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के तहत इज़राइल के साथ सीधे बातचीत का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने 4 सूत्रीय प्लान दिया है जिसमें पूर्ण युद्धविराम, इज़रायली सेना की वापसी और लेबनान सेना की तैनाती शामिल है. राष्ट्रपति ने हिज़्बुल्लाह द्वारा दागे गए रॉकेट को लेबनान राज्य के लिए एक जाल बताया है.
इज़राइल में जारी हुए नए नियम और फ्लाइट अपडेट
इस तनाव का सीधा असर इज़राइल में रहने वाले आम लोगों और प्रवासियों पर भी पड़ा है. होम फ्रंट कमांड ने इज़राइल में सुरक्षा के लिए कई सख्त नियम लागू किए हैं. इन नियमों के कारण बाहर से काम करने गए लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है.
- इज़राइल में सभी स्कूल और शिक्षा संस्थानों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है.
- सुरक्षित बंकर वाले इलाकों में भी किसी एक जगह पर 50 से ज़्यादा लोगों के जमा होने पर रोक है.
- ऑफिस और कार्यस्थल तभी खुलेंगे जब वहां तय समय के अंदर पहुंचने वाला सुरक्षित बंकर मौजूद हो.
- प्रवासियों और यात्रियों के लिए बेन गुरियन एयरपोर्ट से 8 मार्च 2026 से धीरे-धीरे कुछ फ्लाइट्स फिर से शुरू की गई हैं.
- सरकार ने सुरक्षित वापसी के लिए ‘लायंस विंग्स’ ऑपरेशन चलाया है, जिसके तहत 30 दिनों तक विमान सेवाएं दी जाएंगी.





