Iraq में UAE Consulate पर हुआ ड्रोन हमला, कतर और सऊदी अरब ने की कड़ी निंदा
इराक के कुर्दिस्तान इलाके (Erbil) में स्थित UAE Consulate General पर एक ड्रोन हमला हुआ है। इस घटना के बाद कतर, सऊदी अरब और जॉर्डन जैसे देशों ने इसकी कड़ी निंदा की है। राहत की बात यह है कि इस हमले में दूतावास के कर्मचारियों या किसी भी नागरिक को कोई चोट नहीं आई है। हालांकि, बिल्डिंग को कुछ नुकसान पहुंचा है।
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ड्रोन हमले में क्या हुआ और कैसे बची जान?
मिली जानकारी के मुताबिक, 9 मार्च 2026 की रात करीब 10:24 बजे Erbil के ऊपर तीन विस्फोटक वाले ड्रोन देखे गए थे। कुर्दिस्तान के काउंटर-टेररिज्म डायरेक्टोरेट ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन तीनों ड्रोन को मार गिराया।
हमले को लेकर कुछ अहम बातें इस प्रकार हैं:
- मार गिराए गए एक ड्रोन का मलबा UAE Consulate के पास गिरा, जिससे बिल्डिंग को मामूली नुकसान हुआ।
- हमले में किसी भी राजनयिक कर्मचारी या आम नागरिक की जान नहीं गई है।
- इराक के सुप्रीम ज्यूडिशियल काउंसिल ने इस मामले में तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
UAE के विदेश मंत्रालय ने इराक की सरकार और कुर्दिस्तान प्रशासन से इस हमले की तुरंत जांच करने की मांग की है ताकि दोषियों को पकड़ा जा सके।
कतर और अन्य देशों ने क्या कहा?
कतर के विदेश मंत्रालय ने कतर न्यूज़ एजेंसी (QNA) के जरिए बयान जारी कर इस हमले को अंतरराष्ट्रीय नियमों का सीधा उल्लंघन बताया है। कतर ने इसे वियना कन्वेंशन (1961) के खिलाफ माना है, जो दुनिया भर में राजनयिक मिशनों और वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा की गारंटी देता है।
इस मुश्किल समय में कई देशों ने UAE का साथ दिया है:
- सऊदी अरब और जॉर्डन: दोनों देशों ने जिनेवा कन्वेंशन का हवाला देते हुए दूतावासों की सुरक्षा को सबसे जरूरी बताया।
- कुर्दिस्तान के राष्ट्रपति: नेचिरवान बरजानी ने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को फोन कर इस हमले की निंदा की।
- इराक सरकार: इराक ने माना है कि यह उनके देश की संप्रभुता पर हमला है और विदेशी दूतावासों की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी है।
इस तरह के हमलों से खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाले राजनयिकों की सुरक्षा पर चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल वहां हालात काबू में हैं और सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।





