Middle East War Update: मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने के लिए रूस की एंट्री, पुतिन ने ईरान और अमेरिका से की बात
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को शांत करने के लिए रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने बड़ा कदम उठाया है. पुतिन ने जल्द से जल्द तनाव कम करने और कूटनीतिक रास्ते से विवाद सुलझाने की अपील की है. Kuwait News Agency (KUNA) के अनुसार 10 मार्च 2026 को रूस ने अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि सैन्य कार्रवाई की जगह बातचीत से मामला सुलझाना चाहिए. इसके लिए रूस ने मध्यस्थता करने की भी पेशकश की है.
पुतिन ने किन देशों के नेताओं से की बातचीत
रूस के राष्ट्रपति ने हाल ही में ईरान और अमेरिका के नेताओं से फोन पर बात की है. पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से बातचीत के दौरान सैन्य कार्रवाई रोकने और राजनीतिक तरीके से हल निकालने पर जोर दिया.
ईरान के राष्ट्रपति ने इस मुश्किल वक्त में मानवीय मदद भेजने के लिए रूस का शुक्रिया भी अदा किया है. उन्होंने कहा कि संकट के समय में रूस की तरफ से मिली मदद काफी अहम है.
इससे पहले सोमवार 9 मार्च को पुतिन की बात अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump से भी हुई थी. इस बातचीत में मिडिल ईस्ट के हालात और युद्ध रोकने के लिए मध्यस्थता पर चर्चा की गई.
नागरिकों को निकालने के लिए स्पेशल फ्लाइट्स
युद्ध वाले इलाकों में फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी रूस सरकार काम कर रही है. राष्ट्रपति पुतिन ने अपने मंत्रालय को आदेश दिया है कि वह स्पेशल फ्लाइट्स की मदद से रूसी नागरिकों को वहां से सुरक्षित बाहर निकालें.
इसके अलावा रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने भी ईरान के विदेश मंत्री Abbas Aragchi से बातचीत की है. इसमें इलाके में शांति बनाए रखने पर जोर दिया गया.
रूस का कहना है कि वह हर तरह की मदद देने को तैयार है ताकि इलाके में शांति लौट सके और सभी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित हो.
क्या है इस पूरे विवाद का मुख्य कारण
आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार 28 फरवरी 2026 को ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू हुई थी. 10 मार्च को इस युद्ध का 11वां दिन है और स्थिति अभी भी काफी तनावपूर्ण बनी हुई है.
हाल ही में कई बड़े अधिकारियों की मौत के बाद रूस ने मध्यस्थता के लिए अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं. रूस का मानना है कि सभी की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए ही कोई ठोस हल निकाला जा सकता है.
क्रेमलिन के प्रवक्ता Dmitry Peskov ने बताया कि रूस ने शांति बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों को बातचीत के कई विकल्प दिए हैं.




