Strait of Hormuz बंद होने पर चीन ने जताई चिंता, अमेरिका और ईरान से तुरंत जंग रोकने की अपील
पश्चिम एशिया में चल रहे सैन्य संघर्ष और Strait of Hormuz के बंद होने की स्थिति पर चीन ने मंगलवार, 10 मार्च 2026 को आधिकारिक तौर पर गहरी चिंता जताई है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Guo Jiakun ने बीजिंग में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिका, इजराइल और ईरान से तुरंत सैन्य अभियान रोकने की अपील की। चीन का मानना है कि इस रास्ते के बंद होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर काफी बुरा असर पड़ेगा।
Strait of Hormuz का महत्व और चीन की चिंता
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यहाँ से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल (crude oil) और एक तिहाई LNG निर्यात होता है। चीन दुनिया का सबसे बड़ा ऊर्जा आयातक देश है, इसलिए इस रास्ते के बाधित होने से बीजिंग की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। चीन ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखना और ऊर्जा सप्लाई सुचारू रखना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है।
खाड़ी देशों जैसे कतर के रास लफान और सऊदी अरब से होने वाले उत्पादन पर भी मौजूदा तनाव का असर पड़ा है। इस बीच यह बात सामने आई है कि खाड़ी से गुजरने वाले जहाज अब अपने AIS ट्रैकिंग सिस्टम में बदलाव कर रहे हैं। ये जहाज खुद को चीन से जुड़ा हुआ बता रहे हैं ताकि वे ईरानी हमलों से बच सकें और सुरक्षित निकल सकें।
पश्चिम एशिया में तनाव और कूटनीतिक प्रयास
यह पूरा विवाद 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ जब अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले में ईरान के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद ईरान ने जवाबी हमले किए जिससे Strait of Hormuz के पास कामकाज लगभग बंद हो गया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया है कि अगर ईरान ने इस समुद्री रास्ते में तेल के प्रवाह को रोका, तो अमेरिका 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला करेगा।
इस तनाव को कम करने के लिए चीन अपने स्तर पर कूटनीतिक प्रयास कर रहा है। चीन के विशेष दूत Zhai Jun इस वक्त मध्य पूर्व के दौरे पर हैं और रियाद से बातचीत शुरू कर चुके हैं ताकि सभी पक्षों को बातचीत के लिए राजी किया जा सके। इसके अलावा चीन के विदेश मंत्री Wang Yi भी फोन के जरिए लगातार संपर्क में हैं। वहीं ईरान में मोजतबा खामेनेई के नए सर्वोच्च नेता चुने जाने पर चीन ने इसे ईरान का आंतरिक मामला बताया है और इसमें दखल देने से इनकार किया है।




