Iran in UN: ईरान ने UN में दिया हमलों का ब्यौरा, 9,669 आम जगहें तबाह, 1332 लोगों की गई जान
ईरान के संयुक्त राष्ट्र (UN) प्रतिनिधि अमीर सईद इरावनी ने सुरक्षा परिषद और महासचिव को एक आधिकारिक लेटर भेजा है। इस लेटर में उन्होंने बताया कि ईरान पर हुए हालिया हमलों में अब तक 9,669 आम नागरिक स्थल तबाह हो गए हैं। इन हमलों में कम से कम 1,332 ईरानी नागरिकों की जान जा चुकी है। ईरान ने सीधे तौर पर अमेरिका और इजराइल पर आम लोगों की जगहों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
ईरान में हमलों से कितना नुकसान हुआ?
इरानियन रेड क्रिसेंट सोसाइटी के डेटा के आधार पर UN में यह जानकारी दी गई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक हमलों में रिहायशी इलाकों और आम लोगों से जुड़ी सेवाओं को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। नीचे दिए गए आंकड़ों से तबाही का सही अंदाजा लगता है।
| नुकसान का प्रकार | संख्या |
|---|---|
| कुल तबाह हुई जगहें | 9,669 |
| रिहायशी घर | 7,943 |
| कमर्शियल और सर्विस सेंटर | 1,617 |
| अस्पताल और हेल्थ सेंटर | 35 |
| स्कूल | 63 |
| रेड क्रिसेंट की इमारतें | 9 |
| नागरिकों की मौत | 1,332 |
UN में ईरान और अमेरिका का क्या कहना है?
ईरान के प्रतिनिधि ने अपने लेटर में लिखा कि अमेरिका और इजराइल जानबूझकर आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कतर, बहरीन और कुवैत जैसे देशों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर तीसरे देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए होता है, तो वह भी एक तरह का आक्रामक कदम माना जाएगा। ईरान इसे अपने बचाव का अधिकार बता रहा है।
दूसरी तरफ US Central Command (CENTCOM) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। अमेरिकी सेना का कहना है कि वे केवल मिलिट्री ठिकानों को ही निशाना बनाते हैं। इसके उलट अमेरिका ने ईरान पर आरोप लगाया कि उसने पड़ोसी देशों में 14 आम जगहों पर हमले किए हैं।
खाड़ी देशों में काम करने वालों के लिए इसका क्या मतलब है?
इस बढ़ते विवाद का असर मिडिल ईस्ट के दूसरे देशों पर भी पड़ रहा है। सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों ने अपनी मिलिट्री की तैयारी का स्तर बढ़ा दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की सेना ने धमकी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो वे मिडिल ईस्ट में तेल की सप्लाई रोक देंगे।
जो भारतीय नागरिक गल्फ देशों में काम करते हैं या वहां सफर करते हैं, उनके लिए यह स्थिति ध्यान देने वाली है। क्षेत्रीय तनाव बढ़ने से उड़ानें और अन्य जरूरी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। फिलहाल गल्फ देश हालात पर नजर रखे हुए हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।




