Saudi Arabia New Law: सऊदी अरब में भीख मांगना अब ‘राष्ट्रीय अपराध’, पकड़े जाने पर जेल और डिपोर्ट करने का आदेश
सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय (Ministry of Interior) ने भीख मांगने वालों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। 10 मार्च 2026 से लागू नए अपडेट के अनुसार अब भीख मांगने की सूचना देना हर नागरिक और निवासी का ‘राष्ट्रीय कर्तव्य’ माना जाएगा। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भीख मांगना किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसमें सड़कों पर भीख मांगना और सोशल मीडिया या इंटरनेट के जरिए ‘इलेक्ट्रॉनिक भीख’ मांगना दोनों शामिल हैं।
सऊदी अरब में भीख मांगने पर कितनी मिलेगी सजा और जुर्माना?
सऊदी सरकार ने भीख मांगने से जुड़े अपराधों के लिए सख्त सजा तय की है। जो लोग अकेले या किसी की मदद से भीख मांगते पकड़े जाएंगे, उन्हें भारी कानूनी कार्यवाही का सामना करना होगा। भारतीय प्रवासियों और अन्य विदेशी नागरिकों के लिए यह नियम सबसे ज्यादा गंभीर हैं।
- साधारण भीख मांगना: इसके लिए 6 महीने तक की जेल और 50,000 रियाल तक का जुर्माना लग सकता है।
- संगठित भीख मांगना: जो लोग ग्रुप बनाकर या बच्चों और बुजुर्गों से भीख मंगवाते हैं, उन्हें 1 साल की जेल और 1 लाख रियाल तक का जुर्माना देना होगा।
- प्रवासियों के लिए नियम: गैर-सऊदी नागरिकों को सजा काटने के बाद तुरंत देश से डिपोर्ट कर दिया जाएगा। उन्हें दोबारा काम के लिए सऊदी अरब आने की अनुमति नहीं मिलेगी।
- जब्ती: भीख के जरिए इकट्ठा किया गया सारा नकद और सामान अदालत के आदेश पर जब्त कर लिया जाएगा।
शिकायत करने का तरीका और आधिकारिक चैनल
मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे भिखारियों को सीधे पैसे न दें क्योंकि यह धोखाधड़ी और सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे केवल Ehsan, Shefa और Zakat जैसे सरकारी लाइसेंस प्राप्त प्लेटफार्मों के माध्यम से ही दान करें।
| क्षेत्र (Region) | इमरजेंसी नंबर |
|---|---|
| Riyadh, Makkah, Madinah | 911 |
| अन्य सभी क्षेत्र | 999 |
अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि भीख मांगने की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। रिपोर्ट करने वाले व्यक्ति पर कोई कानूनी जिम्मेदारी नहीं होगी। हाल ही में हुई जांच में करीब 21,000 से अधिक नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए हैं, जिसके बाद प्रशासन ने रमजान से पहले इस कार्रवाई को तेज कर दिया है।




