ईरान पर अमेरिका का अब तक का सबसे बड़ा हमला, ब्रिटेन के एयरबेस से उड़े घातक बमवर्षक विमान
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब काफी गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। 11 मार्च 2026 की सुबह ब्रिटेन के RAF Fairford एयरबेस से अमेरिकी वायुसेना के घातक B-1B Lancer बमवर्षक विमानों ने ईरान की तरफ उड़ान भरी। अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने पुष्टि की है कि आज का दिन ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और भीषण हमलों वाला दिन है।
ऑपरेशन Epic Fury और अमेरिकी हमलों की ताजा स्थिति
ईरान के खिलाफ जारी ऑपरेशन ‘Epic Fury’ का आज 11वां दिन है और अमेरिकी अधिकारियों ने इसे सबसे आक्रामक दिन बताया है। ब्रिटेन के RAF Fairford बेस पर कुल 11 बड़े बमवर्षक विमान मौजूद थे, जिनमें 8 B-1B Lancer और 3 B-52H Stratofortress शामिल हैं। अमेरिकी सेना का दावा है कि उन्होंने ईरानी हवाई क्षेत्र पर अपना नियंत्रण बना लिया है और अब मिसाइलों के बजाय सीधे बम गिराए जा रहे हैं।
हथियारों की ताकत और हमले के बड़े लक्ष्य
- B-1B Lancer: यह सुपरसोनिक विमान है जो 34 टन तक गोला-बारूद ले जा सकता है।
- B-52H Stratofortress: यह विमान JASSM मिसाइलों से लैस है जो दूर से ही सटीक निशाना लगाती हैं।
- हमले के लक्ष्य: पिछले 72 घंटों में तेहरान के पास मिसाइल ठिकानों और कमांड सेंटरों सहित करीब 200 जगहों को निशाना बनाया गया है।
- ब्रिटिश समर्थन: प्रधानमंत्री Keir Starmer ने इन हमलों के लिए ब्रिटेन के सैन्य अड्डों के इस्तेमाल की इजाजत दी है।
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर असर
ईरान और अमेरिका के इस युद्ध का असर अब खाड़ी देशों में भी दिखने लगा है। बहरीन और UAE में ईरान की तरफ से जवाबी ड्रोन हमले की खबरें आई हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है क्योंकि हवाई क्षेत्र में तनाव बढ़ने से फ्लाइट्स और सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। ब्रिटिश नौसेना का HMS Dragon जहाज भी सुरक्षा के लिए रवाना कर दिया गया है।





