Oman Statement: UAE दूतावास पर हुए हमले की ओमान ने की कड़ी निंदा, खाड़ी देशों ने जताई एकजुटता
ओमान के विदेश मंत्रालय ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में मौजूद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के वाणिज्य दूतावास पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। 11 मार्च 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान में ओमान ने UAE के साथ अपनी पूरी एकजुटता जाहिर की। इस हमले को लेकर खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों ने भी अपनी चिंता जताई है और दूतावासों की सुरक्षा पर जोर दिया है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी सुरक्षा के ये हालात महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
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हमले में कितना नुकसान हुआ और क्या थी वजह?
यह हमला 9 मार्च 2026 की देर रात एर्बिल में स्थित UAE के कॉन्सुलेट जनरल को निशाना बनाकर किया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह एक ड्रोन हमला था जिसे बिना किसी उकसावे के अंजाम दिया गया। अच्छी बात यह रही कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ और न ही किसी की जान गई। हालांकि हमले की वजह से दूतावास की इमारत को काफी भौतिक नुकसान पहुंचा है। UAE के विदेश मंत्रालय ने इसे एक खतरनाक स्थिति बताया है जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
अंतरराष्ट्रीय नियमों और जांच पर क्या कहा गया?
ओमान और अन्य खाड़ी देशों ने इस हमले को 1961 की वियना कन्वेंशन का खुला उल्लंघन बताया है। इस नियम के तहत किसी भी देश के राजनयिक मिशन की सुरक्षा सुनिश्चित करना मेजबान देश की जिम्मेदारी होती है। UAE ने इराक सरकार और कुर्दिस्तान की क्षेत्रीय सरकार (KRG) से इस मामले की गहराई से जांच करने और दोषियों को पकड़ने की मांग की है। खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए राजनयिक मिशनों की सुरक्षा बहुत जरूरी होती है क्योंकि वे अपनी जरूरतों के लिए इन्ही पर निर्भर रहते हैं।
| संस्था/देश | प्रतिक्रिया और उठाए गए कदम |
|---|---|
| ओमान विदेश मंत्रालय | पूर्ण एकजुटता और हमले की कड़ी निंदा |
| संयुक्त अरब अमीरात | इसे आतंकवादी ड्रोन हमला करार दिया |
| सऊदी अरब और जॉर्डन | जेनेवा कन्वेंशन और सुरक्षा नियमों का हवाला दिया |
| GCC सचिवालय | सचिवालय ने इसे कायराना हमला बताया |
| मुस्लिम काउंसिल ऑफ एल्डर्स | अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन की अपील की |
| कतर विदेश मंत्रालय | राजनयिक मिशनों की सुरक्षा पर जोर दिया |





