बेंगलुरु में कमर्शियल गैस की भारी किल्लत, कॉलेज हॉस्टलों के मेनू से गायब हुई रोटी और चपाती
ईरान और खाड़ी क्षेत्र में चल रहे तनाव का असर अब भारत के बेंगलुरु शहर की रसोइयों तक पहुंच गया है। ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सप्लाई बाधित होने के चलते कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की किल्लत पैदा हो गई है। इस स्थिति को देखते हुए बेंगलुरु के कई कॉलेज हॉस्टल्स और मेस ने नोटिस जारी कर छात्रों को आगाह किया है कि गैस की कमी के कारण अब रात के खाने में नियमित रूप से रोटी और चपाती नहीं मिल पाएगी।
बेंगलुरु में गैस की कीमतों और सप्लाई का ताजा डेटा
शहर में कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई में 60-70% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने घरेलू उपभोक्ताओं और अस्पतालों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है, जिससे कमर्शियल सेक्टर के लिए सिलिंडर मिलना मुश्किल हो गया है। बेंगलुरु में सिलिंडरों की नई दरें इस प्रकार हैं:
| सिलिंडर का प्रकार | नई कीमत (बेंगलुरु) | बदलाव |
|---|---|---|
| कमर्शियल (19 kg) | ₹1,958.00 | ₹144 की भारी वृद्धि |
| घरेलू (14.2 kg) | ₹915.50 | ₹60 की वृद्धि |
किल्लत रोकने के लिए सरकार के नए निर्देश और नियम
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है। सरकार और तेल कंपनियों ने स्थिति को संभालने के लिए कुछ कड़े नियम लागू किए हैं, जो इस प्रकार हैं:
- बुकिंग में अंतर: घरेलू सिलिंडरों की होर्डिंग रोकने के लिए दो बुकिंग के बीच 25 दिनों का अनिवार्य अंतर लागू किया गया है।
- रिफाइनरी उत्पादन: निजी रिफाइनरियों को पेट्रोकेमिकल उत्पादन कम कर अधिकतम एलपीजी बनाने का आदेश मिला है।
- प्रायोरिटी नियम: ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को कुल उत्पादन केवल घरेलू श्रेणी के लिए आरक्षित रखने को कहा गया है।
- समीक्षा समिति: पेट्रोलियम मंत्री ने तीन तेल कंपनियों के अधिकारियों की एक कमेटी बनाई है जो सप्लाई की निगरानी करेगी।
बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने भी चेतावनी दी है कि अगर गैस सप्लाई तुरंत बहाल नहीं हुई, तो शहर के 2,000 से अधिक होटल बंद करने पड़ सकते हैं। फिलहाल कई होटल संचालक वैकल्पिक तौर पर इंडक्शन स्टोव का इस्तेमाल कर रहे हैं और मेनु में गैस कम खपत वाले आइटम शामिल कर रहे हैं।





