Dubai Flight Ticket: जेट फ्यूल की कीमतों में लगी आग, दुबई और भारत के बीच हवाई सफर होगा महंगा
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है। हवाई जहाज के ईंधन यानी जेट फ्यूल की कीमतों में अचानक आई भारी तेजी के कारण एयरलाइंस कंपनियों ने टिकट के दाम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। एयर न्यूजीलैंड और एयर इंडिया जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने किराए और सरचार्ज में बदलाव करने के संकेत दिए हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह खबर चिंता वाली है क्योंकि भारत आने-जाने का खर्च अब बढ़ सकता है।
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हवाई ईंधन की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
युद्ध जैसी स्थिति पैदा होने से पहले जेट फ्यूल की कीमत 85 से 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी। ताजा आंकड़ों के अनुसार अब यह बढ़कर 150 से 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। आईएटीए (IATA) की रिपोर्ट बताती है कि एक हफ्ते के भीतर वैश्विक औसत कीमतों में 58 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल आया है। सिंगापुर जैसे बड़े केंद्रों पर तो कीमतें 225 डॉलर तक जा पहुंची हैं। इस वजह से एयरलाइंस के लिए पुराने रेट पर उड़ान भरना मुश्किल हो गया है।
किन एयरलाइंस ने किराए में बढ़ोतरी का ऐलान किया?
दुनिया भर की कई एयरलाइंस ने अपने किराए को अपडेट करना शुरू कर दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर उन रूट्स पर पड़ेगा जहां ईंधन की खपत ज्यादा है। एयर न्यूजीलैंड ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 10 डॉलर से लेकर 90 डॉलर तक की बढ़ोतरी की है।
| एयरलाइन का नाम | बदलाव का प्रकार |
|---|---|
| Air New Zealand | किराए में 6 से 90 डॉलर की वृद्धि |
| Hong Kong Airlines | सरचार्ज में 35.2% की बढ़ोतरी |
| Qantas और Air India | किराए और फ्यूल सरचार्ज की समीक्षा शुरू |
| Air Chathams | 10 से 20 डॉलर का अतिरिक्त चार्ज |
दुबई और खाड़ी देशों के यात्रियों पर क्या होगा असर?
दुबई और अन्य खाड़ी देशों से यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए मुश्किल बढ़ सकती है। हवाई क्षेत्र में तनाव की वजह से विमानों को अपने रास्ते बदलने पड़ रहे हैं जिससे ईंधन की खपत बढ़ गई है। 10 मार्च को दुबई आने वाली कुछ उड़ानों को सुरक्षा कारणों से होल्ड पर भी रखा गया था। कुवैत ने भी एहतियात के तौर पर तेल उत्पादन में कटौती की है। अगर यह तनाव लंबा चला तो छुट्टियों में घर जाने वाले प्रवासियों को जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी।





