Dubai New Law: दुबई में इमारतों के लिए लागू हुआ नया नियम, किरायेदारों को पुरानी कीमत पर मिलेगा घर
दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने इमारतों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर एक नया कानून (Law No. 3 of 2026) जारी किया है। यह कानून 10 मार्च 2026 को जारी किया गया है और इसके लागू होने के बाद दुबई में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और भी मजबूत होगी। इस नए नियम का सीधा असर मकान मालिकों, कॉन्ट्रैक्टरों और वहां रहने वाले किरायेदारों पर पड़ेगा।
इस नए कानून में क्या बड़े बदलाव हुए हैं?
इस नियम के तहत दुबई की सभी नई और पुरानी इमारतों को क्वालिटी और सेफ्टी सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
चाहे कोई बिल्डिंग प्राइवेट ज़ोन में हो या फ्री ज़ोन जैसे DIFC में, यह नियम सब पर समान रूप से लागू होगा।
जिन इमारतों की उम्र 40 साल से कम है, उनका सर्टिफिकेट 10 साल तक मान्य रहेगा। वहीं 40 साल या उससे ज्यादा पुरानी इमारतों के लिए यह सर्टिफिकेट 5 साल के लिए मान्य होगा।
कानून के गजट में छपने के 60 दिन बाद यह पूरी तरह से लागू हो जाएगा। इसके बाद सभी मकान मालिकों को नियमों का पालन करने के लिए एक साल का ग्रेस पीरियड दिया जाएगा।
किरायेदारों के लिए इस नियम में क्या फायदा है?
यह नियम दुबई में रहने वाले प्रवासियों और आम किरायेदारों को बहुत बड़ी राहत देता है।
अगर किसी बिल्डिंग को सुरक्षा कारणों या फिर से नया बनाने के लिए तोड़ा जाता है, तो नई बिल्डिंग तैयार होने के बाद पुराने किरायेदारों को वापस आने का सबसे पहला हक दिया जाएगा।
सबसे अच्छी बात यह है कि वापसी पर किरायेदारों को वही पुराना किराया देना होगा जो उनकी पुरानी लीज में तय हुआ था।
इससे लंबे समय से दुबई में रह रहे भारतीय प्रवासियों और अन्य लोगों को अचानक किराया बढ़ने की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
नियम तोड़ने पर कितना लगेगा जुर्माना?
अगर कोई मकान मालिक या कॉन्ट्रैक्टर इस नियम का पालन नहीं करता है, तो सरकार की तरफ से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- नियमों की अनदेखी करने पर 100 AED से लेकर 10 लाख AED तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- अगर दो साल के अंदर कोई व्यक्ति दोबारा वही गलती करता है, तो जुर्माना दोगुना होकर 20 लाख AED तक पहुंच जाएगा।
- जुर्माने के साथ-साथ प्रॉपर्टी के लेनदेन और नए बिल्डिंग परमिट पर भी दुबई लैंड डिपार्टमेंट द्वारा रोक लगाई जा सकती है।
- दुबई म्युनिसिपैलिटी एक नया डिजिटल सिस्टम भी तैयार कर रही है जिसमें हर बिल्डिंग के मेंटेनेंस का पूरा डेटा मौजूद रहेगा।




