Strait of Hormuz के पास 3 कमर्शियल जहाजों पर बड़ा हमला, ईरान ने बंद किया अहम समुद्री रास्ता
11 मार्च 2026 को Strait of Hormuz और उसके आस-पास के गल्फ इलाके में 3 कमर्शियल जहाजों पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ है. UK Maritime Trade Operations (UKMTO) ने इस घटना की आधिकारिक पुष्टि की है. यह हमला 72 दिनों की शांति के बाद हुआ है, जिससे समंदर के रास्ते व्यापार करने वाली कंपनियों की चिंता काफी बढ़ गई है. ईरान की सेना IRGC ने ऐलान किया है कि यह अंतरराष्ट्रीय रास्ता अब व्यापारिक जहाजों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद है.
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किन 3 जहाजों को बनाया गया निशाना?
इस ताजा हमले में तीन अलग-अलग देशों के कमर्शियल जहाजों को नुकसान पहुंचा है. गल्फ इलाके में काम करने वाले कई लोग इन जहाजों के कार्गो पर निर्भर रहते हैं. इन जहाजों की जानकारी इस प्रकार है:
- Mayruree Naree: यह थाईलैंड का बल्क कैरियर जहाज है. ओमान के उत्तर में 11 नॉटिकल मील दूर इस पर हमला हुआ और आग लग गई. बाद में आग बुझा ली गई और चालक दल के 20 सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया.
- ONE Majesty: यह जापान का कंटेनर जहाज है. UAE के Ras Al Khaimah से 25 नॉटिकल मील दूर इसमें हमला हुआ जिससे इसके ढांचे में एक छेद हो गया. इस जहाज के सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं.
- Star Gwyneth: यह मार्शल आइलैंड्स का जहाज है जिसे दुबई से 50 नॉटिकल मील दूर निशाना बनाया गया. इसके चालक दल को भी सुरक्षित बताया गया है.
गल्फ देशों और शिपिंग कंपनियों पर इसका क्या असर पड़ा है?
इस घटना के बाद अमेरिकी सेना ने बताया कि उन्होंने Strait of Hormuz के पास 16 ईरानी जहाजों को नष्ट कर दिया है जो समंदर में विस्फोटक बिछाने का काम करते हैं. IRGC के एक सीनियर अधिकारी ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे आग के हवाले कर दिया जाएगा. इस खतरे को देखते हुए दुनिया की बड़ी शिपिंग कंपनियों जैसे Maersk, MSC और Hapag-Lloyd ने इस रास्ते से अपने जहाज भेजना पूरी तरह बंद कर दिया है.
आम इंसान और व्यापार के लिए इसके क्या मायने हैं?
Strait of Hormuz से हर दिन लगभग 100 जहाज गुजरते थे, लेकिन 2 मार्च को ईरान की चेतावनी के बाद से जहाजों की संख्या में 95 प्रतिशत की गिरावट आई है. बीमा कंपनियों ने भी गल्फ इलाके में जाने वाले जहाजों का इंश्योरेंस कवर देना बंद कर दिया है. अब जहाजों को अफ्रीका के रास्ते से होकर जाना पड़ रहा है, जिससे सामान पहुंचने में 10 से 14 दिन ज्यादा का समय लग रहा है. इसके अलावा, कतर की कंपनी QatarEnergy ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने कुछ सेंटर्स पर LNG का उत्पादन भी रोक दिया है, जिसका असर आगे तेल और गैस की सप्लाई पर पड़ सकता है.




